कई गांवों के किसानों ने मंगलवार को उमरी बिजलीघर पर दिया धरना
एसडीओ और जेई पर समस्याओं का निदान न करने का आरोप, हटाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। बिजली कटौती से नाराज कई गांवों के किसानों ने मंगलवार को उमरी बिजलीघर पर निगम के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया। करीब दो घंटे तक जेई-एसडीओ को धूप में बैठाए रखा। आरोप है कि 22 घंटे के शेड्यूल के सापेक्ष सात-आठ घंटे ही बिजली गांवों की दी जा रही है। शिकायत करने पर सुनवाई नहीं हो रही। बिजलीघर के स्टाफ को हटाने की मांग की।
पाडली मांडू, अलीनगर पालनी, भवानीपुर तरकोला, चाकरपुर, उमरी, सलावा, मोरना आदि गांवों के किसान बिजलीघर पहुंचे। किसानों को आता देख बिजलीघर का स्टाफ भाग गया। किसानों ने अधिकारियों के न मिलने पर धरना शुरू कर दिया। काफी देर के बाद पहुंचे एसडीओ एसके गुप्ता और जेई माजिद ने किसानों की नोकझोंक हुई। किसानों ने दोनों अधिकारियों को अपने बीच में धूप में धरने पर बैठाया।
किसान महेंद्र सिंह ने कहा कि जब सरकार की ओर से 22 घंटे शेड्यूल बिजली आपूर्ति के आदेश है तो सात से आठ घंटे क्यों मिल रही है। बिजलीघर के रजिस्टर में 18 घंटे बिजली आपूर्ति होना दर्शाया जा रहा है। किसानों के साथ धोखा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चाकरपुर के प्रधान सुभाष रवि ने कहा कि बिजलीघर पर दो ट्रालियां है। मगर, निगम की ओर से एक ट्राली से बिजली आपूर्ति कराई जा रही है। आग्रह के बाद भी चालू नहीं किया जा रहा। ओवरलोडिंग के कारण फाल्ट हो रहे है। किसानों ने निगम से फसलों के नुकसान की भरपाई करने की मांग की। अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार का भरोसा देकर किसी तरह से किसानों को शांत किया। धरना देने वालों में शिशुपाल, बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह, राजू, संजीव, अरुण, विशाल, राजीव कुमार, रंजीत सिंह, अवधेश कुमार, जोगिंदर सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन शाकिर अहमद पाड़ली मांडू ने किया।
लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
मामला संज्ञान में आ गया है। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर निदान कराने का प्रयास होगा। जांच कर लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। - निरजंन सिंह, एसई बिजनौर