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पुराने ट्रैक्टर लेकर कलक्ट्रेट में घुस गए किसान, हंगामा

Tue, 27 Mar 2018 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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ट्रैक्टर ट्राली से कलक्ट्रेट जाते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में भारतीय किसान यूनियन ने दस साल पुराने ट्रैक्टर पर पाबंदी लगाने के विरोध समेत कई मांगों को लेकर मंगलवार को ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान पुलिस के साथ धक्का मुक्की करने के बाद बेरिकेडिंग तोड़कर जबरन गेट खुलवाकर कलक्ट्रेट के अंदर घुस गए और धरना देकर बैठ गए। दिनभर चले हंगामे के बाद शाम को प्रशासन के साथ तीन घंटे की वार्ता के बाद धरना खत्म कर दिया गया।
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 मंगलवार को भाकियू के बैनर तले किसान ट्रैक्टर ट्राली के साथ नगीना मार्ग पर चक्कर चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन करना शुरू किया और शास्त्री चौक, जजी चौक, प्रदर्शनी चौक होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो किसान बेरिकेडिंग तोड़कर जबरन गेट खुलवाकर ट्रैक्टरों समेत कलक्ट्रेट में घुस गए। पुलिस के साथ किसानों की कई बार धक्का मुक्की और हाथापाई भी हुई। भाकियू के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट में ही धरना देकर बैठ गए। प्रभारी डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, एसपी सिटी दिनेश सिंह और उप निदेशक कृषि जेपी चौधरी के साथ कई बार वार्ता हुई। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और डीएम के नाम ज्ञापन अफसरों को दिया। जिसमें कहा गया कि एनजीटी ने दस वर्ष पुराने डीजल इंजनों पर रोक लगा दी है। एनसीआर में इसे पूरी तरह लागू कर दिया है। किसानों की हालत वैसी नहीं है कि वह दस साल में नए उपकरण खरीद सके। किसानों के प्रयोग में आने वाले यंत्रों को उक्त आदेश से मुक्त रखा जाए। वायु प्रदूषण रोकने को जागरूकता अभियान चलाया जाए। या किसानों को पुराने के बदले नया ट्रैक्टर दिलाया जाए। बिजली के बढ़े हुए बिलों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। एक साथ दोगुनी वृद्धि बिलों में करना ठीक नहीं है। इसके अलावा नगीना क्षेत्र में वन रेंज कौडिया में किसान मघ्घन सिंह की जमीन से वन विभाग का कब्जा हटवाने, जिले की जर्जर विद्युत लाइन एवं ओवरलोड ट्रांसफार्मर से हो रही जान माल की समस्या से निजात दिलाने, विद्युत निगम द्वार गलत बिजली के बिल भेजकर किसानों के उत्पीड़न करने पर रोक लगाने, तहसीलों में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने, गन्ने का भुगतान कराने, स्कूलों में मनमानी फीस, किताब, ट्रांसपोर्ट के नाम पर हो रही वसूली पर रोक लगाने, गंगा के किनारे पेस्टीसाइड के प्रयोग को रोकने समेत अनेक मांग की। 
भाकियू के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के मुताबिक किसान और अफसरों के बीच तीन घंटे वार्ता हुई। वार्ता में तय हुआ कि जिन किसानों के बिजली के बिल गलत है, 30 अप्रैल तक उन्हें बिल जमा  करने पर दबाव नही डाला जाएगा। वन विभाग और  राजस्व विभाग की टीम संयुक्त रूप से लंबित मामलों की जांच करके 15 अप्रैल तक सब मामलों को निपटाएगी। खसरा खतौनी में वारिसान के नाम दर्ज होने की शिकायतों का निपटारा लेखपाल गांव में जाकर करेंगे। एआरटीओ ने लिखकर दिया कि दस साल पुराने ट्रैक्टर बंद नहीं होंगे। जिले में ये ट्रैक्टर चलते रहेंगे। इसके बाद धरने का समाप्त कर दिया। इस मौके पर रामाऔतार सिंह, वीर सिंह, राजेंद्र सिंह, धीर सिंह, होशियार सिंह, कामेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, जय सिंह, अतुल कुमार समेत तमाम किसान मौजूद रहे।
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