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भुगतान न होने से खफा किसानों ने कब्जाया ट्रैक

Thu, 28 Feb 2019 12:04 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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बिजनौर में रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोककर एसडीएम से वार्ता करते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में गन्ना बकाया भुगतान को बुलाई बैठक में वेव ग्रुप के किसी भी अधिकारी के न आने पर किसान भड़क गए। भाकियू के बैनर तले किसान रेलवे स्टेशन पहुंचे और प्लेटफार्म पर बैठ गए। गढ़वाल एक्सप्रेस के आते ही किसानों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। करीब 15 मिनट तक ट्रेन को रोके रखा। इससे प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को शाम तीन बजे तक भुगतान देने का आश्वासन देकर किसानों को ट्रैक से उठाया।
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गन्ना बकाया भुगतान के लिए डीएम सुजीत कुमार ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक बुलाई थी। बैठक में किसानों के अलावा वेव ग्रुप की बिजनौर, चांदपुर मिल के अलावा बिलाई व बरकातपुर चीनी मिल के अधिकारियों को बुलाया गया था। बिलाई के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह बैठक में खाली हाथ पहुंचे। बरकातपुर चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक विश्वास राय भुगतान के लिए साढ़े दस करोड़ का चेक लेकर आए। मगर, वेव ग्रुप की दोनों चीनी मिल में से किसी का भी अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर किसान भड़क गए। इस पर किसान बैठक का बहिष्कार करते हुए बाहर आ गए। दिगंबर सिंह, रालोद के प्रदेश महासचिव रामौतार सिंह, अतुल कुमार, संदीप त्यागी, कुलदीप सिंह आदि किसान सीधे बिजनौर रेलवे स्टेशन पहुंचे और प्लेटफार्म नंबर एक पर धरना देकर बैठ गए।




जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि वेव ग्रुप वाले चाहते हैं कि प्रशासन उनके कर्मचारियों को पकड़ ले और मालिक को मिल बंद करने का बहाना मिल जाए। लेकिन किसान किसी भी हालत में मिल नहीं बंद होने देंगे। प्रशासन ने मिल के सक्षम अधिकारी को बैठक में बुलाने को कहा। किसानों ने गन्ने पर लगी संगठन की झंडी रेलवे ट्रैक के बीच में गाड़ दी। जैसे ही गढ़वाल एक्सप्रेस दिखाई किसानों ने ट्रैक पर कब्जा कर लिया और नारेबाजी करने लगे। स्टेशन अधीक्षक अरविंद राठी ने किसी तरह ट्रेन को रुकवाया। ट्रेन के रुकते ही किसान उसके इंजन पर भी चढ़ गए। किसानों ने ट्रेन के इंजन पर भी संगठन का झंडा लगा दिया। एसडीएम बृजेश कुमार, सीओ सिटी महेश कुमार, तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह के समझाने पर किसानों ने भुगतान न होने तक ट्रैक से उठने से साफ इंकार कर दिया। अधिकारियों ने हर हालत में किसानों का भुगतान बृहस्पतिवार शाम तीन बजे तक करने का आश्वासन दिया। बाद में यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए किसानों ने ट्रेन को जाने दिया। ट्रेन के जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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15 मिनट लेट हुई ट्रेन
गढ़वाल एक्सप्रेस के बिजनौर स्टेशन पर आने का समय दोपहर 12 बजकर दो मिनट का है। पांच मिनट के स्टॉपेज के बाद ट्रेन 12 बजकर दो मिनट पर निकलती है। मगर, बुधवार को ट्रेन 12 बजकर 25 मिनट पर पहुंची थी। 12 बजकर 30 मिनट पर ट्रेन को निकलना था, लेकिन ट्रेन 12 बजकर 45 मिनट पर रवाना हुई। ट्रेन करीब पांच मिनट तक ट्रेन पर खड़ी रही।




नोटिस हो चुके हैं जारी
अधिकारियों के साथ बैठक में न आने पर बिजनौर मिल के अध्याशी अधिकारी अशोक कुमार, चांदपुर के अध्याशी अधिकारी अनिल कुमार व बरकातपुर चीनी मिल के अध्याशी अधिकारी अशोक अग्रवाल के खिलाफ नोटिस जारी हो चुके है। अध्याशी अधिकारी भी प्रशासन के साथ वार्ता में कोई निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।




मांगे थे चेक, दिखाया अंगूठा
डीएम ने वेव ग्रुप के अधिकारियों को बैठक में भुगतान का चेक लेकर आने के लिए कहा था। मगर, बैठक में कोई अधिकारी आया ही नहीं। किसान भी इस पर जिला प्रशासन की मजाक बनाते रहे। कहा कि मिल के अधिकारी भूमिगत हो गए और अधिकारी उनका इंतजार कर रहे हैं।




नहीं हुई रिपोर्ट दर्ज
किसानों के आंदोलन के कारण गढ़वाल एक्सप्रेस करीब 15 मिनट लेट हुई। इस मामले में अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। आरपीएफ के अनुसार मामले से आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उनके आदेश पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
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