चांदपुर जलीलपुर क्षेत्र के नारनौर गंगा घाट पर लगने वाले गंगा स्नान मेले में लगी दुकानें।
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चांदपुर/जलीलपुर। जलीलपुर के नारनौर गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला मेला अपने आप में खास है। इसके लिए शासन-प्रशासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलती है। जबकि व्यवस्थाएं सरकारी मेले जैसी ही रहती है। तंबु लगते हैं, बाजार सजता हैं। महिला पुरुष श्रद्धालुओं के लिए स्नान की अलग अलग व्यवस्था की जाती है। हजारों श्रद्धालु दो तीन दिन पहले ही परिवार सहित पहुंच जाते हैं। जबकि कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु पहुंचकर गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं।
नारनौर गंगा घाट पर पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर दशकों से श्रद्धालुओं की भीड़ लगती रही है। पहले रास्ते कच्चे और बहुत खराब थे, जिसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। गंगा नदी पर हस्तिनापुर पुल बनने के बाद पुल तक पक्की सड़क बनी है। रास्ता सुगम होने के कारण अब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गंगा स्नान को पहुंचती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ग्राम पंचायत नारनौर के ग्रामीणों ने अन्य गांववासियों के सहयोग से मेले को व्यवस्थित करने के प्रयास किए हैं।
ग्रामीणों ने पक्की सड़क से मेला स्थल तक रास्ता दुरुस्त किया है। मेला स्थल पर बाजार, तंबू लगाने की जगह तय की गई। महिला पुरुषों के स्नान घाट अलग अलग बने हैं, गंगा में गहरे पानी को बांस बल्ली लगाकर चिन्हित किया गया है। साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगा है। व्यवस्था बनाने के लिए ध्वनी विस्तारक यंत्र लगा है। गोताखोरों की भी व्यवस्था है। इन सब व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं है। उत्साही श्रद्धालुओं ने परिवार सहित पहुंचकर तंबू लगा दिए हैं। मेले में खान-पान, कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन, खेल खिलौने आदि की दुकानें लग चुकी हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, रेल गाड़ी, जम्पिंग जाल आदि लगे हैं।