मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री की जांच करके बाहर आई लखनऊ की टीम।
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बिजनौर में कारखाना निदेशक गौरव श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ शनिवार को मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान फैक्ट्री की हर चीज को बारिकी से देखा। टीम तीन दिन तक बिजनौर में डेरा डालकर फैक्ट्री की जांच पड़ताल करेगी।
नगीना मार्ग स्थित मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में बुधवार को मिथेन गैस के टैंक में विस्फोट होने से सात मजदूरों की मौत हो गई थी व चार घायल हो गए थे। फैक्ट्री स्वामी कुलदीप जैन व मुख्य प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने फैक्ट्री के मुख्य प्रबंधक सुरेश पवार को दबोच लिया था। इस घटना की कई विभागों ने जांच पड़ताल की है। शनिवार को कारखाना निदेशक लखनऊ गौरव श्रीवास्तव, असिस्टेंट डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर के साथ बिजनौर पहुंचे। एसडीएम बृजेश कुमार व सीओ सिटी महेश कुमार के साथ फैक्ट्री पहुंचकर जांच पड़ताल की। टीम ने सबसे पहले पूरी फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इसके बाद फैक्ट्री की मशीन से लेकर हर चीज को बारिकी से देखा। उस टैंक की भी जांच पड़ताल की जिसमें विस्फोट हुआ था। फैक्ट्री का जहरीला पानी कैसे खेतों में जाता है इसको भी देखा। आधा घंटा से ज्यादा समय तक टीम ने फैक्ट्री में जांच पड़ताल की। जांच में क्या पाया गया, फैक्ट्री निदेशक ने अभी यह बताने से इंकार कर दिया है। एसडीएम बृजेश कुमार के मुताबिक कारखाना निदेशक की टीम तीन दिन तक बिजनौर में रहकर फैक्ट्री की जांच करेगी। टीम ने तीन दिन तक जांच करने की बात बताई है।