गाजी पट्टी में मदद के लिए भेजा गया टैंकर से पानी भरते लोग। स्रोत वीडियो ग्रैब
शेरकोट (बिजनौर)। फिलिस्तीन के गाजा पट्टी में मदद भेजने के नाम पर शेरकोट में वसूली की गई। आरोप है कि इस दौरान लोगों के खिलाफ फतवा जारी कराने की धमकी दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने शहर इमाम जकी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जबरन वसूली की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
इस्राइल की बमबारी से गाजा पट्टी पर संकट छाया हुआ है। मोहल्ला शेखान मोहल्ला निवासी इरशाद पुत्र अब्दुल रशीद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शहर इमाम मौलाना जकी ने अपने साथियों के साथ गाजा पट्टी में मदद भेजने के नाम पर नगरवासियों से जबरन धनराशि वसूली। इरशाद का आरोप है कि रुपये नहीं देने वाले लोगों के खिलाफ फतवा जारी करने की धमकी दी गई।
अब एक वायरल वीडियो में गाजा पट्टी में पानी के टैंकरों पर मौलाना जकी की तस्वीरें दिखाई दे रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मौलाना जकी और उनके दो साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ अफजलगढ़ राजेश सोलंकी ने बताया कि शहर इमाम सहित तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस यह जांच कर रही है कि वसूली की गई रकम को किस माध्यम से गाजा भेजा गया और क्या यह मामला विदेशी धनराशि के अवैध लेनदेन से जुड़ा तो नहीं है।
वहीं नगरवासियों का कहना है कि मदद के नाम पर डर और धमकी का सहारा लेना गलत है। यह धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग भी है। शहर इमाम मोहम्मद जकी ने इस मामले में कुछ बोलने से इन्कार कर दिया। कहा कि वह अभी अस्वस्थ हैं, बाद में इस बारे में बात करेंगे।
देवबंद के रहने वाले हैं शेरकोट के शहर इमाम
शेरकोट। गाजा पट्टी में इमदाद भेजने के लिए वसूली करने के आरोपी शेरकोट शहर इमाम मूल रूप से देवबंद के मोहल्ला रविदास नगर का रहने वाले है। जोकि शेरकोट की जामा मस्जिद का बीते कई सालों से इमाम है। शिकायत करने वालों ने आरोप लगाया है कि वह देवबंद से ही फतवा जारी कराने की लोगों को धमकी दे रहे थे।