पुलिस की पाठशाला
-बोले एसपी, छात्र जीवन में अनुशासन और लक्ष्य प्राप्ति तक कड़ी मेहनत जरूरी
-महापुरुषों की जीवनी और किताबें पढ़ने पर दिया जोर, पुलिस कार्यप्रणाली से भी कराया रुबरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। छात्र जीवन में अनुशासन और कड़ी मेहनत जरूरी है। अर्जुन की तरह चिड़िया की आंख दिखाई देनी चाहिए, फिर कोई नहीं रोक सकता लक्ष्य प्राप्ति से। खुद ही रास्ता चुनना है और मेहनत भी खुद ही करनी है। परिश्रम का फल जरुर मिलता है। किताबें पढ़ते रहिए, खासकर महापुरुषों की जीवनी। जीवनी से प्रेरणा मिलेगी कि किस तरह से कठिन परिश्रम और मेहनत से लक्ष्य प्राप्त किया जाता है। यह बात एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहीं। मौका था, अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस पाठशाला के आयोजन का।
शनिवार को बिजनौर पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। मुख्य अतिथि एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि स्कूटी या बाइक चलाते हुए हेलमेट लगाएं और यातायात के नियमों का पालन करें। उन्होंने सड़क हादसों में होने वाली मौतों का हवाला दिया। बिना डीएल और बिना हेलमेट बाइक नहीं चलाने की शपथ दिलाई। छात्राओं से कहा कि कुछ भी गलत होने पर चुप्पी तोड़नी है, चुप रहने से अपराध बढ़ता है। एक बार शिकायत करने से अपराध की शृंखला टूट जाती है। उन्होंने हेल्पलाइन 1090 और 112 की उपयोगिता बताई। कहा कि गुड टच और बेड टच की जानकारी होनी चाहिए। कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर खतरे बढ़े हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर अकाउंट बनाना जोखिम भरा हो गया है, ऐसे में तकनीकी का ज्ञान जरूरी है। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराध को लेकर सचेत किया। कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ अपने रोल मॉडल की सीरिज को बढ़ाते रहिए। कहा अक्सर हम लोगों की सफलता को देखते हैं, मेहनत को नहीं, उन्होंने खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और अन्य सफल लोगों के संघर्ष की कहानियों को बयां किया। ऋग्वेद का हवाला देते हुए कहा कि ज्ञान जहां से भी आए ग्रहण करना चाहिए। हमेशा साहसी और बहादुर रहना चाहिए। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली को बताया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने सवाल किए, जिनका जवाब देकर एसपी ने दिया। स्कूल प्रबंधक महेंद्र पाल सिंह और प्रधानाचार्य विकास त्यागी ने छात्र-छात्राओं को जागरूक किया।