जिले के कईस्कूलों में नहीं हुई प्रयोगात्मक परीक्षा
बिजनौर। जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का राउंड पूरा हो गया है। परीक्षकों के नहीं आने से अनेक विद्यालयों में प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हो सकी है। डीआईओएस दफ्तर ने विद्यालयों से प्रयोगात्मक परीक्षा के विषय तथा छात्रों की संख्या आज तक तलब की है।
यूपी बोर्ड ने जिले में इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के लिए एक से 15 जनवरी तक का समय तय किया था। प्रयोगात्मक परीक्षा लेने के लिए विद्यालयों में बोर्ड से नियुक्त गैर जिलों के परीक्षक आते हैं। शासन ने लिखित परीक्षा की तरह प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के मानक सख्त किए हैं। बताया गया कि जिले में दो सौ से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त तथा वित्तविहीन विद्यालय ऐसे हैं जिनमें इंटर में प्रयोगात्मक परीक्षा के विषय हैं। एक विद्यालय में प्रयोगात्मक विषय के कई विषय भी हैं। बोर्ड की लिखित परीक्षा 18 फरवरी से शुरू है। फाइनल परीक्षा करीब होने से विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा समय से निपटाने की कोशिश करते हैं। शासन के प्री-बोर्ड परीक्षा कराने के निर्देश हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं होने से छात्रों के समक्ष असमंजस की स्थिति बनी रहती है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार जिन विद्यालयों में प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हुई है उनकी सूची मंगाई जा रही है। विद्यालयों को 17 जनवरी तक सूचना भेजने को कहा गया है। तय समय में सूचना नहीं मिलने पर छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हो सकेगी। कहा है कि इसके लिए विद्यालय जिम्मेदार होंगे। विद्यालयों से मिली सूचना बोर्ड को भेजी जाएगी। प्रयोगात्मक परीक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था बोर्ड से होगी।
विद्यालयों केे सूचना नहीं देते परीक्षक
डीआईओएस दफ्तर के अनुसार नियमानुसार बोर्ड से नियुक्त बाह्य परीक्षक को प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कई विद्यालय आवंटित किए जाते हैं। परीक्षक को विद्यालयों को बैचवार परीक्षा की तिथि दी जाती है। परीक्षक परीक्षा का पूरा प्रोग्राम विद्यालयों को भेजता है। परीक्षक को प्रोग्राम की प्रति डीआईओएस दफ्तर को भेजनी है। आरोप है कि परीक्षा प्रोग्राम नहीं भेजते हैं। यहां तक की फोन से ही परीक्षा की सूचना विद्यालयों को देते हैं। कभी तो सूचना परीक्षा के दिन ही मिलती है।