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बंद फैक्ट्री चलने की उम्मीद जगी

Sat, 09 Dec 2017 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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नजीबाबाद में बंद पड़े कंबल कारखाने पर धूल फांकती मशीन। - फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में  प्रदेेश सरकार की बंद पड़े कंबल कारखानों को पुनर्जीवित करने की योजना में नजीबाबाद का बंद पड़ा कंबल कारखाना पुनर्जीवित होगा। खादी ग्रामोद्योग विभाग ने शासन को 1.20 करोड़ रुपये की लागत से कंबल कारखाना पुन: चालू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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योगी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद प्रदेश के बंद पड़े कंबल कारखानों को पुनर्जीवित कराने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग से रिपोर्ट तलब की थी। 13 अप्रैल को खादी ग्रामोद्योग के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव एसके कक्कड़ के नेतृत्व में खादी ग्रामोद्योग अधिकारियों ने नजीबाबाद में बंद पड़े कंबल कारखाने का निरीक्षण किया था।

खादी ग्रामोद्योग शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्कालीन प्रभारी उमेंद्र चिकारा की उपस्थिति में टीम ने बंद पड़े कारखाने को पुनर्जीवित करने अथवा कारखाना परिसर में रोजगारपरख प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य औद्योगिक संस्थान खोलने की रूपरेखा तैयार की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बंद कंबल कारखानों को पुन: शुरू कराने की प्राथमिकता पर खादी ग्रामोद्योग विभाग ने नजीबाबाद के कंबल कारखाने को पुनर्जीवित करने की योजना तैयारी की। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसके कक्कड़ के निर्देशन में प्रभारी कारखाना प्रबंधक उमेंद्र चिकारा ने नजीबाबाद के कंबल कारखाने को 1.20 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का प्रस्ताव खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से शासन को भेजा है।
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प्रस्ताव में भवन आंशिक मरम्मत के साथ मशीनें लगाने तथा कंबल उद्योग को शुरू करने के लिए कच्चे माल की उपलब्ध कराने, श्रमिकों की व्यवस्था आदि का ब्योरा शामिल है। नजीबाबाद का कंबल कारखाना करीब एक दशक से बंद पड़ा है। खादी ग्रामोद्योग विभाग कंबल कारखाने की अधिकांश मशीनें, कंबल आदि काफी पहले नीलाम कर चुका है। नजीबाबाद की आबादी के बीच कृष्णा सिनेमा चौराहे पर सिनेमा हॉल से लगे करीब तीन से चार बीघा क्षेत्र में कंबल कारखाने का जर्जर भवन स्थित है। कंबल कारखाने के अधिकांश कर्मचारी अन्यत्र स्थानांतरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में कंबल कारखाने के फिनीशिंग मिस्त्री सुरेश पाल भवन की देखभाल करते हैं। 
कबाड़ के रूप में तीन मशीन शेष
नजीबाबाद। करीब एक दशक से बंद नजीबाबाद के कंबल कारखाना परिसर में वर्तमान में खस्ताहाल वाशिंग मशीन, मिलिंग मशीन और कंबल सुखाने का हाईड्रो शेष बचा है। इन तीनों उपकरणों के खस्ताहाल और कबाड़ होने के कारण नीलामी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था।

... फिर मिलेगी नजीबाबाद को पहचान
कंबल कारखाना शुरू होने पर क्षेत्र के कुछ श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। एक समय था जब नजीबाबाद कंबल उद्योग के लिए दूर तक पहचान रखता था। गीता भवन मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में कंबल बनाने वाले श्रमिक सड़कों पर काम करते नजर आते थे।

उद्योग को पटरी पर लाने का निर्णय
चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एसके कक्कड़ के अनुसार प्रदेश सरकार ने भदोही, मिर्जापुर, खजनी (गोरखपुर), गाजीपुर, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, टिकरमाफी (सुल्तानपुर) के कंबल कारखानों की स्थिति की भी समीक्षा कराने के साथ कंबल उद्योग को पटरी पर लाने का निर्णय लिया है।
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