राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर विशेष
-मेडिकल अस्पताल से हर महीने कैंसर के 10 मरीज तक रेफर हो रहे
-लोगों में पनप रहा मुंह, पेट और फेफड़ों का कैंसर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस आज मनाया जा रहा है। ऐसे में कैंसर से जागरूकता भी जरूरी है। मिर्च मसालों का अधिक सेवन पेट के कैंसर का कारण बन रहा है। इसके अलावा शराब, तंबाकू का सेवन भी कैंसर का कारक है। मेडिकल अस्पताल से हर महीने करीब 10 मरीज तक रेफर किए जा रहे हैं।
लोगों में आमतौर पर फेफड़ों का कैंसर, ओरल कैंसर, पेट का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पेट का कैंसर शराब, तंबाकू, मसाले, मिर्च के अधिक सेवन से हो रहा है। मिर्च मसालों के अधिक सेवन से गैस्ट्रिक म्यूकोसा में परिवर्तन होने लगता है। इससे गैस्ट्रिक म्यूकोसा भारी होगी।
फिर झिल्ली मोटी होने लगती है, जो पेट का कैंसर का रूप ले लेती है। फेफड़ों का कैंसर धुम्रपान, तंबाकू का सेवन, चरस के ज्यादा सेवन से होता है। इसके अलावा ओरल कैविटी कैंसर भी तंबाकू के ज्यादा सेवन सेे हो रहा है। तंबाकू का सेवन करने से मांसपेशियां बढ़ जाती है, जो कैंसर का रूप ले रही हैं।
कैंसर के लक्षण
-वजन कम होना
-भूख कम लगना
-बुखार आना
-पेट में दर्द होना
-उल्टी के साथ खून आना
कैंसर से ऐसे करें बचाव
-मिर्च मसालों का अधिक सेवन नहीं करें
-तंबाकू, शराब का सेवन न करें
-खानपान बेहतर रखें
-लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
समय बदलने के साथ ही लोगों की दिनचर्या भी बिगड़ रही है। ज्यादा मिर्च मसालों वाले भोजन का लगातार सेवन पेट के कैंसर का कारण बन सकता है। हर महीने फेफड़ों, पेट के कैंसर के मरीजों को रेफर किया जा रहा है।....डॉ. आरएस वर्मा, फीजिशयन, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
बढ़ती उम्र, धूम्रपान और शराब का सेवन, हेपेटाइटिस बी और सी फेफड़ों और लिवर के कैंसर का कारण बन रहा है। इसलिए धूम्रपान और शराब से बचें। समय से इलाज शुरू कराकर कैंसर से बचाव संभव है।
....डॉ. विक्की सिंह, फीजिशियन, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर