बिजनौर। शहर में जाम के झाम से हर आदमी परेशान है। सभी इस जाम से मुक्ति चाहते हैं ताकि रोजमर्रा की दिक्कतों से छुटकारा मिल सके। आज से पुलिस का यातायात माह शुरू हो चुका है। इस अभियान के दौरान ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद रहेगी। इसके बाद फिर से समस्या जस की तस हो जाती है। फिलहाल जाम के झाम से छुटकारा मिलने का कोई स्थायी उपाय नहीं दिखाई दे रहा है।
इस बारे में शहर के कुछ जागरुक नागरिकों से बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने यातायात व्यवस्था को दुरस्त करने, पार्किंग की व्यवस्था बनाने और ट्रैफिक पुलिस द्वारा अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बाजार में वाहन ले जाने पर लगे रोक
मोहल्ला भरत विहार कालोनी निवासी अरुण वर्मा कहते हैं कि जाम लगने के प्रमुख कारण शहर में ई-रिक्शा और अन्य छोटे बड़े वाहन जाना हैं। यदि इन वाहनों पर बाजार में ले जाने पर रोक लगाई जाए तो शहर में जाम नहीं लगेगा। यातायात पुलिस को हर दिन इस पर पूरा ध्यान देना चाहिए। हर चौपले पर पुलिस तो जरूर रहती है, लेकिन पुलिस यातायात को व्यवस्थित करने का काम केवल एक दो चौराहों पर ही करती है।
शहर में हो पार्किंग की व्यवस्था
मोहल्ला रामपुर बकली कालोनी निवासी चंद्रकिरण त्यागी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस को जाम लगाने वाले हर व्यक्ति पर सख्ती करनी चाहिए। जिला प्रशासन को शहर में पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे बाहर से आना वाला हर वाहन चालक अपने वाहन पार्किंग में लगाकर बाजार के अन्य काम निपटा सके।
मोहल्ला साहित्य विहार कॉलोनी निवासी एसएम शर्मा के अनुसार किसी भी हालत में डाकघर से आगे दोपहिया और चारपहिया वाहन के ले जाने पर रोक लगनी चाहिए। अगर यह दायरा नगर पालिका चौक तक हो तो और भी बेहतर है। वर्तमान हालात ये होते हैं कि दिन भर शास्त्री चौक से लेकर सदर बाजार स्थित पुरानी तहसील तक जाम ही जाम रहता है।
मोहल्ला सिविल लाइन निवासी कन्हैयालाल अरोड़ा का कहना है कि नगर में जाम की समस्या तभी दूर हो सकती है, जबकि पुलिस सड़क किनारे खड़े वाहनों और ठेलों को पीछे हटवाकर खड़े करवाए। किसी भी व्यक्ति का रोजगार बंद न हो, लेकिन इतना जरूर हो कि सड़क किनारे अतिक्रमण न होने पाए। इसका व्यापारी भी ध्यान रखें और वाहन संचालक भी। यदि ऐसा होगा तो खुद ब खुद जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
एसएम शर्मा।- फोटो : BIJNOR
चंद्रकिरण त्यागी।- फोटो : BIJNOR
अरुण वर्मा।- फोटो : BIJNOR