बिजनौर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के काफिला निकलने के दौरान एक सफाई कर्मचारी ने करीब 18 माह से वेतन नहीं मिलने से खफा होकर अपने ऊपर केरोसिन छिड़कर आत्मदाह करने की कोशिश की। होमगार्ड ने सफाई कर्मचारी को पकड़ लिया।
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िजनौर में जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने कहा है कि उनका मुख्य फोकस जनता की शिकायतों पर रहेगा। शिकायतों का निस्तारण उनके कामकाज का आधार होगा। उनके पास आने वाले हर फरियादी की सुनवाई होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला और बालकल्याण की योजनाओं का क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है।
उन्होंने कहा कि खुले में शौच को मुक्त कराने का अभियान अनवरत जारी रहेगा।
सोमवार को जिलाधिकारी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि शासन की योजनाओं का लाभ सभी को मिले। शिकायतों का निस्तारण पारदर्शिता के साथ त्वरित हो। उन्हें बताया गया कि जन शिकायत केंद्र पर छह हजार शिकायत दर्ज हैं। इनमें अधिकांश नाली, चकरोड आदि सार्वजनिक शिकायत हैं। जिले को खुले शौच से मुक्त करने का अभियान जारी रहेगा। सार्वजनिक स्थलों से अवैध कब्जे राजस्व अभिलेखों के अनुसार हटाए जाएंगे।
गांवों की बेसिक समस्याओं को क्रमबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा। ग्राम पंचायत की योजनाओं का बेसिक प्लानिंग करके क्रियान्वयन होगा। अवैध खनन, अतिक्रमण , बिलाई शुगर मिल द्वारा गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने के मामले पत्रकार वार्ता के दौरान उठाए गए। डीएम ने कहा कि उनका ध्यान लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा।
उनके पास आने वाले हर फरियादी की सुनवाई होगी। फरियादी को टोकन नंबर जारी करके शिकायत के बारे में की गई कारवाई से अवगत कराया जाएगा। प्रेस व प्रशासन के बीच सामंजस्य बनाए रखने का भरोसा दिलाया। इस दौरान सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा, एडीएम वित्त रमेश चंद्र मौजूद रहे। गौरतलब है कि तेलांगना राज्य के जिला करीमनगर निवासी डीएम बी चंद्रकला वर्ष 2008 बैच की आईएएस हैं। वह इलाहाबाद में एसडीएम व सीडीओ रहीं। इसके बाद हमीरपुर, मथुरा और बुलंदशहर की डीएम रहीं।