चार साल पहले भी गंगा में समाई दस महिलाओं की जिंदगी
बिजनौर। हस्तिनापुर के सामने मंगलवार को गंगा में नाव समा जाने के हादसे ने चार साल पुराने खौफनाक मंजर को ताजा कर दिया। दरअसल 27 लोगों से भरी हुई नाव गंगा में पलट गई थी, जिसमें सभी 17 पुरुषों को बचा लिया गया जबकि दस महिलाएं गंगा में डूब गई थीं। पांच महिलाओं के शव तो बरामद हुए लेकिन पांच महिलाओं का आज तक पता नहीं चल सका है।
25 अगस्त 2018 में डैबलगढ़ के ग्रामीण गंगा पार से चारा लेकर नाव से गांव लौट रहे थे। रावली के सामने ओवरलोड नाव गंगा में पलट गई। जिसमें 17 पुरुष और 10 महिलाएं गंगा में डूबी। हालांकि 17 लोगों को गंगा से बाहर निकाल लिया गया था लेकिन सभी महिलाएं डूब गई थीं। बाद में पांच महिलाओं के शव बरामद किए गए जबकि पांच महिलाओं का आज तक कहीं पता नहीं चला है। उस वक्त एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर को भी अभियान में लगाया गया था।
साल 2021 में भी मंडावर थाना क्षेत्र के गांव सीमलीकलां के सामने भी एक नाव गंगा में पलटी थी, जिसमें लकड़ियां भरी हुई थीं और 15 लोग सवार थे। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। एक हादसा अब से ठीक 21 साल पहले साल 2001 में हुआ था। उस वक्त राजारामपुर गांव की तीन युवतियां गंगा में नाव पलटने की वजह से डूब गई थीं।