विदुर की धरती को हरा-भरा कर रहे पर्यावरण प्रहरी
बिजनौर। जिले के पर्यावरण प्रहरी जनपद की धरा को हरा-भरा करने में लगे हुए हैं। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के मौके पर हम ऐसे पर्यावरण प्रहरियों की टीम की बात कर रहे हैं, जो पौधरोपण के साथ घायल पेड़ों का उपचार करते हैं। वहीं, एक शिक्षक विद्यालयों में पौधरोपण के साथ-साथ बीज व नर्सरी तैयार कर पौधरोपण के लिए शिक्षकों व मिलने वाले अन्य लोगों को वितरण करते हैं। इस बार उन्होंने दो हजार पौधों के बीज बीएसए को दिए।
पर्यावरण प्रहरी लेखपाल विक्रांत शर्मा नौकरी के साथ-साथ काफी लंबे समय से पर्यावरण को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके साथ अरविंद, हिमांशु सोती, श्याम अग्रवाल, राकेश, अंकित शर्मा, विकास, मंजू आर्या, शिवानी, कुसुमलता, राज नरेंद्र, धर्मेंद्र आदि पर्यावरण को बढ़ावा दे रहे हैं। उनकी टीम सुबह और शाम को पेड़ पौधों की देखरेख व सुरक्षा के लिए निकलती है और घायल पेड़ों का आवश्यकतानुसार उपचार कर उसे बचाने में लगते हैं। उनका उद्देश्य जमीन को पेड़ों से हरा-भरा रखना है। उन्होंने बताया कि बचपन से उन्हें पौधे लगाने का शौक है।
शिक्षक ताजवीर सिंह देवरा छात्रों में ज्ञान के साथ पर्यावरण प्रेम की भावना भी जगा रहे हैं। उन्होंने अपने विद्यालय परिसर में फलदार, फूलों, ज्यादा आक्सीजन देने वाले पौधे तथा औषधीय पौधे लगा रखे हैं। आसपास के विद्यालयों में वह पौधरोपण करते हैं और उनकी रखवाली का जिम्मा वहां के स्कूल स्टाफ को देते हैं। वह सड़क किनारे बड़े पेड़ों के नीचे उगने वाले पौधों को उठाकर घर क्यारी व गमलों आदि में पौध तैयार कर स्कूलों में वितरण करते हैं। इस बार उन्होंने विभिन्न पौधों के दो हजार बीज बीएसए को सौंपे। उनसे निवेदन किया कि निरीक्षण के दौरान सभी स्कूलों में स्टाफ को एक पैकेट दें। ताकि हर विद्यालयों में हरियाली रहे। शिक्षक ताजवीर सिंह का कहना है कि वह पढ़ाई से पर्यावरण प्रेमी हैं और इसे लगातार बढ़ा रहे हैं।
बिजनौर में स्कूली वाहनों की चैकिंग करते एआरटीओ गोरी शंकर।- फोटो : BIJNOR
शहर में पौधरोपण करती विक्रांत शर्मा की टीम।- फोटो : BIJNOR