बिजनौर में अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर पुरानी पेंशन की बहाली सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर के विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। विभागों पर ताले लटके रहे। कर्मचारी अपने विभागों से जुलूस निकालते हुए विकास भवन पहुंचे और हड़ताल में शामिल हुए। मांगे पूरी न होने पर दो दिवसीय हड़ताल को बेमियादी हड़ताल में बदलने की चेतावनी दी।
विभागों से कर्मचारी नारेबाजी करते हुए विकास भवन पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के हरिओम शर्मा ने कहा कि अब कर्मचारी एक मंच पर आ गया है। अब वह दिन दूर नहीं जब सरकार उनकी मांग मानेगी। टीकम सिंह सेंगर ने हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष वेत्रलता शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नियमित करना होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम विश्नोई ने कहा कि एक तरफ तो सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है और दूसरी तरफ महिलाओं को मात्र चार हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। यह मजदूर की मजदूरी से भी कम है। विद्युत मोर्चा पश्चिमांचल के मोहम्मद अफजल ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तब तक विद्युत विभाग कर्मचारी महासंघ के साथ आंदोलन करता रहेगा। डाक विभाग से अशोक शर्मा, अनुराग मेहरोत्रा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लें वरना कर्मचारी सरकार बदल देंगे। अटेवा के प्रांतीय संगठन मंत्री चंद्रहास सिंह ने कहा कि सरकार नई पेंशन समाप्त कर तुरंत पुरानी पेंशन बहाल करे। पंचायत सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री गोपाल सिंह गौतम व जिला अध्यक्ष जोगिंदर भारती एवं जयप्रकाश पाल ने सरकार से न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये व पुरानी पेंशन तत्काल बहाल किए जाने की मांग की। प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन बहाली, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, आउटसोर्सिंग पर नियुक्त बंद करने और आउटसोर्सिंग से तैनात कर्मचारियों को नियमित करते हुए उनका सेवाकाल जोड़ने की मांग की। साथ ही कर्मचारी व उनके आश्रितों को निजी चिकित्सालय में कराई गई चिकित्सा का प्रतिभूति भत्ता देने का आदेश तुरंत लागू कराने की मांग की। फेडरेशन जिलाध्यक्ष अभिषेक रोड ने कहा कि सरकार तत्काल उनकी मांगों को पूरा करें वरना चुनाव में दुष्परिणाम झेलने को तैयार रहे। इस दौरान विनोद शर्मा, सनी तोमर, गार्गी तोमर, शशिप्रभा, सुनीता पाल, संजय कुमार, सीपी सिंह, रविश चौधरी, पंकज सिंह, नरेंद्र, अनीता शर्मा, कमला शर्मा, नम्रता त्यागी, रुखसाना पैट्रिक, मुन्नी देवी, सुजीत कुमार, अहमद हसन, सलीम, गुरुदेव शर्मा, जरीफुउल हसन, अशोक कुमार, वीर सिंह, जयप्रकाश, दिलीप कुमार, ब्रह्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
इन विभागों के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
सिंचाई विभाग, वन, खेल, गन्ना, स्वास्थ्य, आईटीआई, उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, सेवायोजन, मत्स्य, खांडसारी, लोक निर्माण, डाक, विद्युत, डूडा, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण, नेडा, भूमि संरक्षण, पंचायत, ग्रामीण विकास, विभाग बाल विकास, मनरेगा, एनआरएलएम, प्रोबेशन, कृषि, अर्थ एवं संख्या, पशुपालन, उद्यान, समाज कल्याण विभाग पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, विकलांग कल्याण, सहकारिता विभाग, अल्पसंख्यक आदि विभागों के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे।