- कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वन अधिकारियों की बैठक वन विश्रामगृह में हुई
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। मानसून के दौरान वन एवं वन्य जीवोंं की सुरक्षा को लेकर कार्बेट टाइगर रिजर्व व बिजनौर के वन विभाग के अधिकारियों ने कालागढ़ में बैठक की। दोनों ही राज्यों के अधिकारियों से सीमावर्ती वनक्षेत्र में संयुक्त गश्त करने पर जोर दिया।
शुक्रवार को कालागढ़ में बिजनौर, कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वन अधिकारियों की बैठक वन विश्रामगृह में हुई। जिसमें दोनों राज्यों के वन अधिकारियों ने कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा व बिजनौर जनपद के नजीबाबाद, अमानगढ़, कालागढ़ आदि इलाके में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के कदम उठाने पर विचार विमर्श हुआ। वनों में मानसून के दौरान ऑपरेशन मानसून चलाया जाएगा। इस दौरान वनों में बाहरी लोगों के प्रवेश रोकना एवं वन्य जीवों की तस्करों से सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है। बैठक में कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगांथ नायक, कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ नीरज कुमार शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी बिजनौर अरुण कुमार सिंह, नजीबाबाद वन प्रभाग के एसडीओ राजीव कुमार, सोनानदी के एसडीओ हरीश नेगी, कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रूबाली, पाखरो के उपराजिक गोपाल सिंह, वन दरोगा सुरेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र ढौंढियाल आदि मौजूद रहे।
सीमावर्ती इलाके में संयुक्त गश्त से बढ़ेगी सुरक्षा
कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगांथ नायक ने बताया कि बैठक में दोनों ही राज्य के अधिकारियों ने तय किया कि नजीबाबाद, पाखरो, सोनानदी, कालागढ़, झिरना की सीमा पर संयुक्त रूप से गश्त की जाएगी। इसके लिए योजना बनाई जाएगी। वनों में सुरक्षा के लिए गश्त पर जोर दिया गया है। बरसात के दिनों में वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा दोनों राज्य मिलकर करेंगे।