बिजनौर में यूपी-उत्तराखंड की सीमा से सटे बढ़ापुर वन रेंज के जंगल में एक मादा हाथी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। हाथी की मौत बीमारी से होने की आशंका जताई जा रही है। तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। बाद में हाथी के शव को जमीन में दफना दिया गया।
बुधवार को बढ़ापुर-कोटद्वार कंडी मार्ग के निकट यूपी उत्तराखंड की सीमा से सटे बढ़ापुर वन रेंज के कंपाट संख्या 10 पाखरो स्रोत में एक मादा हाथी का शव पड़ा होने की सूचना पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी इरफान अली ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों व जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दी। वन विभाग के वन्य जंतु प्रतिपालक रामआधार राम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कालागढ़ वन प्रभाग की पाखरो रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह चकरेत भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। वनाधिकारियों का प्रथम दृष्टया मानना है कि उत्तराखंड के जंगल से आकर यहां मादा हाथी बीमारी के कारण मरा लगता है। पशु चिकित्साधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम के डॉ. कौशल कुमार, डॉ. प्रवीण त्यागी व डॉ अशोक कुमार ने मौके पर जाकर हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। हाथी के शव को मिट्टी में दबा दिया गया है। मौत के कारणों का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।