- जलज सफारी के लिए इलेक्ट्रिक में तब्दील होगी मोटर बोट, किया गया ट्रायल
- बैराज पर साइकिल ट्रैक बनाने के लिए भी तैयार हो चुका है प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर बैराज पर ईको टूरिज्म के लिए कवायद बढ़ने लगी है। इसी क्रम में गंगा में चल रही मोटरबोट को इलेक्ट्रिक में तब्दील किया जाना है। इसके लिए ट्रायल भी हो चुका है। वहीं, सात किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक भी बनाया जाना है।
हाल ही में बिजनौर बैराज पर गंगा में चलने वाली तीन मोटर बोट को इलेक्ट्रिक में तब्दील करने के लिए ट्रायल किया गया है। बता दें कि अब तक ये डीजल से चलती थी, जिनसे निकलने वाली आवाज डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों को दिक्कत होती थी। एक बोट को इलेक्ट्रिक बनाने में साढ़े तीन लाख रुपये का खर्चा आएगा।
तैयार होगा साइकिल ट्रैक
बिजनौर बैराज के पास तटबंध पर करीब सात किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक तैयार किया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया था। साइकिल ट्रैक बनने के बाद पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
घाट के पास बनेगा जैविक पार्क
गंगा बैराज घाट के पास जैविक पार्क बनाने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए जमीन का चयन भी हो गया है। इस पार्क को इस लिहाज से बनाया जाएगा कि यहां आने वाले लोग यहां बैठकर आराम भी कर सकेंगे। इसके अलावा इसी पार्क में नवग्रह वाटिका, रुद्राक्ष वाटिका और पंचवटी भी बनाई जाएगी।
नया पुल बनने के बाद पुराने पुल पर पैदल घूम सकेंगे पर्यटक
अभी जिस बैराज पुल से यातायात निकाला जा रहा है, फोर लेन के लिए नया पुल बनने के बाद वहीं से वाहन जाएंगे। इसके बाद पुराने पुल पर पर्यटक पैदल घूम सकेंगे। साथ ही उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि इसके बाद प्रवासी पक्षियों का बसेरा पुल के आसपास भी बढ़ जाएगा। ऐसे में इसे नया बर्ड वॉचिंग स्पॉट बनाया जाएगा।
मोटर बोट को इलेक्ट्रिक में तब्दील करने के लिए ट्रायल किया जा चुका है। यह इसलिए किया जा रहा है कि मोटर बोट से आवाज नहीं होने पाए। - पूर्ण बोरा, सीडीओ