जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण देते डीएम जगतराज।
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बिजनौर में डीएम जगतराज ने कहा है कि अधिकारी निकाय चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और भयमुक्त वातावरण में कराएं। प्रशिक्षण में जो बात समझ में नहीं आ रही है, उसका नि:संकोच निवारण कर लें। डीएम ने प्रशिक्षण में गैरहाजिर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को चेतावनी पत्र जारी करने की हिदायत सीडीओ को दी है।
विकास भवन के सभागार में निकाय चुनाव ड्यूटी में लगे जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को प्रशिक्षण दिया गया। डीएम जगतराज ने कहा कि अधिकारी चुनाव की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझें। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। ड्यूटी में सतर्कता बरतें। कहीं कोई चूक न रह जाएं। आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें। किसी के दबाव में नही आएं।
आचार संहिता के उल्लंघन पर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। चुनाव ड्यूटी में कोताही न बरते। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान बूथों का भौतिक सत्यापन पहले ही कर लें। यह देख लें कि मतदान केंद्र में चारदीवारी, शौचालय, प्रकाश की व्यवस्था है या नहीं। एसडीएम तथा तहसीलदार अपने मतदान केंद्रों का भ्रमण कर लें। बैठक में गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए सीडीओ से कार्रवाई करने को कहा गया। प्रशिक्षण में सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम मौजूद रहे।
आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सकों की भी ड्यूटी
बिजनौर में जिले में प्रथम चरण में 22 नवंबर को चुनाव होना है। इसके लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। प्रशासन सभी विभागों के कर्मचारी व अधिकारियों को ड्यूटी दे रहा है। आयुर्वेदिक व यूनानी विभाग पहले से ही चिकित्सक व स्टाफ से जूझ रहा है और अब चिकित्सक व स्टाफ की चुनाव में ड्यूटी लगने से लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। आयुर्वेदिक व यूनानी विभाग में कुल 29 चिकित्सकों के पद है और तैनाती मात्र 15 की है। ऐसे ही दोनों विभागों में कुल 14 फार्मेसिस्ट तैनात है। दोनों विभागों के अधिकांश चिकित्सक व फार्मेसिस्ट की ड्यूटी लगा दी है। साथ की जहां आयुर्वेदिक व यूनानी के अस्पताल में मरीजों को परेशानी हो सकती है। ब्यूरो