दो दलों के बीच ही रह गया चुनाव
बिजनौर। नगीना विधानसभा पर चुनाव केवल दो पार्टियों के बीच ही रह गया। यहां पर बसपा प्रत्याशी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाया, वहीं ओवैसी की रैली का भी कोई खास असर नहीं हुआ। इस सीट पर दो बार से विधायक मनोज पारस ने हैट्रिक जमाते हुए इस बार भी जीत हासिल कर ली। सबसे बड़ी जीत नगीना पर ही रही। यहां पर भाजपा ने पूरे जोरशोर से चुनाव लड़ा था और दलित वोटों को खींचने का भी खूब प्रयास किया, लेकिन परिणाम बता रहे हैं कि भाजपा इसमें सफल नहीं हुई। वहीं मुस्लिम मतदाताओं का एक तरफा रुख सपा की ओर ही नजर आया। हालांकि आवैसी ने यहां पर अपना प्रत्याशी उतारा था। यहां पर ओवैसी की रैली भी हुई थी। रैली के बाद एक समय लगने लगा था कि मुस्लिम वोटों में यह पार्टी सेंधमारी कर सकती है, लेकिन यह हो नहीं पाया। वहीं सपा की बात करें तो दलित वोटों में मनोज पारस की अच्छी खासी सेंधमारी हो गई। इन्हीं समीकरण से सपा की जीत का रास्ता साफ होता गया और एक बड़ी जीत सपा के खाते में आ गई। इस सीट पर भाजपा का एक खेमा पूरे मन से चुनाव में नहीं उतरा। वहीं भाजपा युवा वर्ग को पूरी तरह भरोसे में नहीं ले पाई।