बिजनौर। भले ही सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यालय से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत की लेकिन जिले में चयनित आठ रूटों से केवल तीन पर ही बस संचालित हो पाई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय तक आने के लिए लोगों को सफर में काफी परेशानी होती है। ऐसे में ग्रामीण रूटों को सीधे मुख्यालय से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की पहल की गई है। लोगों ने बस संचालन के लिए आवेदन भी किया। मगर, बस नहीं लग पाई। नियम है कि 45 दिन के अंदर चयन प्रक्रिया पूरी कर रूट पर बस का संचालन करना है। लेकिन अभी तक मात्र तीन रूटों पर बस का संचालन शुरू हो सका है। इनमें एक रूट बेगमपुर हर्रे से सराय, धर्मसनंगली, लालवाला, नगीना, कोतवाली, बिजनौर है। दूसरा रूट मुस्तफापुर उर्फ भूरापुर से धर्मसनंगली, लालवाला, नगीना, कोतवाली, बिजनौर और तीसरा रूट नसीरपुर बनवारी, बुआपुरनत्थू, बक्सनपुर, धामपुर, नहटौर, झालू, बिजनौर है।
इन रूटों पर शुरू नहीं हो सकी बसें
-शहबाजपुर-पन्हेड़ी-धारूपुर-रामोरूपपुर-सुनगढ़-लिंडरपुर-जाफरा-नूरपुर-हल्दौर-बिजनौर
-मुकरपुरी-नवादाकेशो-खर्दकादराबाद-स्योहारा-धामपुर-नहटौर-झालू-बिजनौर
-मुकीमपुर धारू-बाकरपुर गढ़ी-रावली-मोहम्मदपुर देवमल-मंडावली-शहजादपुर-दयालवाला-मंडावर-बिजनौर
-हरेवली-इनायतपुर-जाफरपुर-भौज्जावाला-बेनीपुर कोपा-बूड़ावाला-नगीना-कोतवाली-बिजनौर
-तेलीपाड़ा-लालवाला-टांडामाईदास-कोटकादर-हरगनपुर-नगीना-कोतवाली-बिजनौर
संचालकों को बस नहीं मिल पाने से रूट पर संचालन शुरू नहीं हुआ। चयन प्रक्रिया के बाद निर्धारित अवधि में बस का रूटों पर संचालन शुरू करना था। अब मुख्यालय से ही शेष चयनित रूटों पर बसों के संचालन तय होगा। - अशोक कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, बिजनौर