शिक्षा विभाग बना रहा रोस्टर से पढ़ाई की योजना
बिजनौर। जिला कोरोना मुक्त होने के बाद स्कूल खुलने के उम्मीद के बीच शिक्षा विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है। इस समय जिले में केवल चार सक्रिय केस ही रह गए हैं। हालांकि अभी तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई रोस्टर के हिसाब से होने की तैयारी चल रही है। इससे जहां कोरोना का खतरा कम हो जाएगा, वहीं बच्चों का स्कूलों से भी जुड़ाव बना रहेगा।
कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल माह से ही शुरू हो गई थी। स्कूल इससे पहले ही बंद हो चुके थे। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन ही चल रही है। जो नए एडमिशन है, उनसे से अधिकांश बच्चे जो कक्षा एक में आए हैं, वह स्कूल गए ही नहीं है। ऐसे में बच्चों का स्कूलों से जुड़ाव भी कम हो रहा है और मोबाइल ही स्कूल बनकर रह गया है। वहीं कोरोना के हालात पर नजर डालें तो बिजनौर कोरोना मुक्ति की ओर बढ़ चला है और केवल चार केस ही सक्रिय रह गए हैं। हालांकि तीसरी लहर के खतरे के कारण स्कूल खुलने की अभी उम्मीद नजर नहीं आ रही, वहीं इस बीच शिक्षा विभाग कोरोना से बचाव और स्कूलों से बच्चों के जुड़ाव को रोस्टर प्लान पर काम कर रहा है। सबकुछ ठीक रहा और यह प्लान मान लिया गया तो बच्चों को रोस्टर बनाकर स्कूल बुलाया जाएगा। इन्हें कक्षा में नहीं बैठाया जाएगा, बल्कि क्लास रूम में बैठे शिक्षक इन्हें सप्ताहभर के लिए होमवर्क दे देंगे। इससे संख्या को नियंत्रित करने के लिए रोस्टर काम आएगा। इससे बच्चों का स्कूल और शिक्षक से सीधे जुड़ाव भी रहेगा।
रोस्टर प्लान पर काम चल रहा है। यदि स्कूल खुले तो यह बेहतर प्लान रहेगा। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है। यदि यह पास हुआ तो इसे लागू किया जाएगा।
जयकरन यादव, बीएसए बिजनौर