संविदा स्वास्थ्यकर्मियों पर आर्थिक संकट
बिजनौर। जनपद में संविदाकर्मियों के सामने रोटी के लाले पड़ गए हैं। इस मुश्किल घड़ी में जान हथेली पर रखकर रात-दिन कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार करने वाले एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को संचालित करने में लगे कोरोना योद्धा स्वास्थ्य कर्मियों को पिछले तीन माह से फूटी कौड़ी नहीं मिली है। कर्मचारियों ने शीघ्र ही रुका मानदेय दिलाने की मांग की है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले के स्वास्थ्य महकमे में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों को संचालित करने में लगभग 650 कर्मचारी लगे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, एएनएम सहित अन्य कर्मचारियों का तीन माह से वेतन नहीं मिला। सभी लैब ैटेक्नीशियन कोविड सैंपलिंग और रेपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) के अधीन कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश राष्टीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ बिजनौर के महामंत्री रोबिन सिंह, टीबी कंट्रोल इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नकुल कुमार आदि ने बताया कि वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी जैसी विषम परिस्थितियों में भी संविदा स्वास्थ्यकर्मी कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा। पिछले तीन माह से मानदेय न मिलने के कारण रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इन कर्मचारियों का आरोप है कि संविदा कर्मियों की इस समस्या से कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
अभी तक नहीं आया शासन से बजट: डॉ. प्रमोद
एनएचएम के नोडल अधिकारी डा. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि अभी शासन से बजट नहीं आया है। इस कारण अभी तक इनका मानदेय खातों में हस्तानांतरित नहीं किया जा सका। बजट आते ही मानदेय सभी कर्मचारियों के खातों में डाल दिया जाएगा।