बासमती धान पर कीटनाशक दवा का ग्रहण
बिजनौर। कीटनाशक दवाईयों का फसलों पर असर दिखाई देने लगा है। शासन ने बासमती धान की फसल में दस कीटनाशक दवाईयों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। शासन ने यह कदम बासमती चावल में कीटनाशक दवाई का असर आने के कारण निर्यात नहीं होने पर उठाया है। बिजनौर जनपद में भी बासमती धान इन कीटनाशक के प्रयोग को बंद करा दिया।
जनपद में 55768 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई है। इसमें से अकेली बासमती प्रजाति की धान 34 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में उत्पादित है। इसके अलावा 13768 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मोटा धान और करीब 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में संकर धान की रोपाई हुई है। इसके अलावा भी जनपद में काफी किसानों ने अन्य प्रजाति के धान की भी रोपाई कर रखी है। इस बार धान की फसल पर मौसम की मार रही है। प्रशासन व कृषि विभाग की माध्यम से निर्यातकों व जिले के उत्पादकों के बीच बासमती चावल के निर्यात लेकर वार्ता हुई थी। अभी धान के पकने व कटाई में समय है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत ने बताया कि शासन ने बासमती धान में दस कीटनाशकों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। बासमती उत्पादन की समयावधि में दुकानदार इन प्रतिबंधित दवाईयों को किसानों धान की फसल के लिए बेचेंगे।