जलमग्न हुए खेतों में फसल की बर्बादी देखता एक किसान।
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मंडावर में नहर का रजवाहा टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई। फूलों की खेती करने वाले एक किसान की पांच लाख की फसल नष्ट हो गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पटरी ठीक करने के लिए घंटों बाद जेसीबी मशीन भेजी। तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। किसानों को हुए नुकसान का तहसील की टीम आंकलन करेगी।
मंडावर व किशनवास गांव के बीच एक नहर का रजवाहा है। इससे आसपास के गांव वाले सिंचाई करते हैं। सोमवार सुबह करीब छह बजे रजवाहे की एक साइड बह गई और खेतों में पानी भर गया। मोहल्ला फराजटोली निवासी रामपाल सिंह रजवाहे के पास गुलाब की खेती करते हैं। उनके छह बीघे के खेत में पानी भरने से फसल नष्ट हो गई। मोहल्ला बुड़गरान निवासी संजय शर्मा के गेहूं के पांच बीघे के खेत में भी पानी भर गया। सूचना पर लेखपाल अरुण कांबोज चार मजदूरों को लेकर पहुंचे, लेकिन रजवाहा ठीक नहीं हो पाया। गांव वालों के अनुसार सिंचाई विभाग के एसडीओ को बार बार फोन करने के बाद भी रजवाहा ठीक करने के लिए जेसीबी मशीन नहीं आई। मशीन न आने से रजवाहे का पानी लगातार खेतों में जाता रहा। सूचना मिलने पर तहसीलदार राजेश वर्मा मौके पर पहुंच गए। दोपहर करीब एक बजे जेसीबी मशीन आने पर रजवाहे की पटरी की मरम्मत की गई। तब तक किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने, गेहूं व अन्य फसलों में पानी भर चुका था। तहसील की टीम किसानों को हुए नुकसान का आंकलन करेगी। इसके बाद किसानों को हुए नुकसान की भरपाई शासन द्वारा की जा सकती है।