बिजनौर में रमजान माह के पहले जुमे को मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए नमाजियों की भीड़ उमड़ी। कुछ मस्जिदों में अधिक भीड़ होने के कारण मस्जिद के बाहर भी नमाज अदा की गई।
मस्जिदों के आसपास सफाई व सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। नमाजियों को धूप से बचाने के लिए शामियाना लगाया गया।
रमजान पर मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ी।
चाहशीरी स्थित जामा मस्जिद इमाम मौलाना अनवारूल हक ने नमाजियों को खिताब करते रमजान के पहले दस दिन को रहमत के दिन बताया। उन्होंने शुरू के दस दिनों में अल्लाह से गुनाहों की सच्चे दिल से माफी मांगने को कहा।
रमजान उल मुबारक में अल्लाह को याद करने वाला शख्स सच्चा मुसलमान होता है। रेलवे स्टेशन की पास वाली मस्जिद के इमाम ने कहा कि रमजान में अल्लाह की बेपनाह रहमतें बरसती हैं। रमजान में एक नेकी का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का सवाब 70 नेकी के बराबर दिया जाता है। उन्होंने मुसलमानों से नमाज पढ़ने, कुरान की तिलावत, सदका व खैरात करने को कहा।