धामपुर में आरएसएम इंटर कॉलेज के छात्र अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। शिक्षकों की आपसी गुटबाजी ने उनके भविष्य को चौपट कर दिया है। कोई शिक्षक कॉलेज में पढ़ाने को तैयार नहीं है। छात्रों ने कॉलेज में पढ़ाई नहीं कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों ने डीआईओएस से जानना चाहा कि वे बताए कि कॉलेज में शिक्षकों की गुटबाजी को लेकर आपसी लड़ाई काफी समय से चल रही है। उनके द्वारा अब तक कितने शिक्षकों पर कार्रवाई हुई। चेताया कि यदि अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर शिक्षा का माहौल नहीं बनवाया तो उग्र आंदोलन होगा। कॉलेज के छात्र विवेक कुमार, महावीर सिंह, अंकित कुमार, गजेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि कालेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद को लेकर पिछले कई महीनों से शिक्षकों के बीच चल रही लड़ाई ने छात्रों को बर्बाद कर दिया है। प्रबंधन की ओर से कालेज के शिक्षक सतपाल सिंह कार्यवाहक प्राचार्य बना रखा है । दूसरे गुट के शिक्षक कार्यवाहक प्रधानाचार्य के आदेश को धत्ता बता मनमानी कर रहे हैं। शिक्षकों की इस लड़ाई से नुकसान केवल छात्रों का ही हो रहा है। अब तक शैेडयूल के अनुसार कोर्स की पूर्णता शून्य है।
जब कोई शिक्षक क्लास में जाकर नहीं पढ़ाएगा तो कोर्स कैसे पूरा होगा। जब कोर्स पूरा नहीं होगा तो उनके कालेज में संस्थागत तौर पर प्रवेश पाकर पढ़ने से क्या फायदा है। आरोप है कि कई बार डीआईओएस डॉ. अरुण दूबे और प्रबंधक रामनारायण सिंह को अवगत कराने के बाद भी सुधार नहीं हुआ है। बुधवार को कालेज में शिक्षा का माहौल बनाने की मांग को लेकर हाईवे जाम कर छात्रों ने प्रदर्शन भी किया था।
पुलिस अधिकारियों के आग्रह पर प्रदर्शनकारी शांत हो गए थे। चेताया कि यदि अब भी सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन होगी। इस संबंध में डीआईओएस डा. अरुण दूबे का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक सही से दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहा है उसे चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे।