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सौ विशिष्ट शिक्षाविदों में शामिल हुए डा.अब्दुल मलिक

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स्योहारा के प्रोफेसर डा.अब्दुल मलिक। - फोटो : BIJNOR
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सौ विशिष्ट शिक्षाविदों में शामिल हुए डा.अब्दुल मलिक
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स्योहारा। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए वर्ष 2021 के सौ विशिष्ट शिक्षाविदों में प्रोफेसर डा. अब्दुल मलिक का नाम शामिल हो गया है। जिससे शिक्षकों, चिकित्सकों में हर्ष व्याप्त है।
प्रोफेसर डा. अब्दुल मलिक नगर के मोहल्ला इस्लाम नगर के मूल निवासी हैं। इस समय भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित ग्लोकल विश्वविद्यालय सहारनपुर में प्राचार्य हैं। उन पर ग्लोकल यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट का अतिरिक्त प्रभार भी है।
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डा. मलिक ने स्थानीय एमक्यू इंटर कालेज से प्रारंभिक शिक्षा ली है। उन्हें इसी वर्ष 2021 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्राचार्य के सम्मान से भी नवाजा गया है। प्रोफेसर डा. अब्दुल मलिक ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा बिहार सूफिया यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर पूर्वी चंपारण में प्राचार्य पद पर रहते हुए नाक द्वारा रोगी को दवाई देने की पद्धति पर शोध किया। शोध एवं अधिवासी क्षेत्रों में यूनानी चिकित्सा के प्रति जागरूकता लाने के लिए बिहार सरकार एवं आयुष मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। शोध में रोगी को इंजेक्शन और खाने वाली दवाइयों के मुकाबले नाक द्वारा दवाई देना अधिक असरकारक साबित किया गया है।
डा. अब्दुल मलिक का नाम वर्ष 2021 में भारत के प्रख्यात एक सौ शिक्षाविद नामक बुक में शामिल किया गया है। शिक्षा जगत से जुड़ी प्रतिष्ठित बुक का प्रकाशन अंतर्राष्ट्रीय संगठित अनुसंधान संस्थान द्वारा किया जा रहा है। संस्थान भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम मंत्रालय में पंजीकृत है। अंतर्राष्ट्रीय मानक आईएसबीएन के साथ मिलकर पहली बार भारत के श्रेष्ठ शिक्षकों का चुनाव कर भारत के एक सौ प्रख्यात शिक्षाविद पुस्तक का प्रकाशन कर रहा है। पुस्तक को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर प्राप्त है। प्रोफेसर डा. अब्दुल मलिक का नाम पुस्तक में शामिल होने से परिवार तथा नगर में खुशी का माहौल है।
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छोटे भाई भाजपा नेता आमिर उमर ने बताया कि उन्हें पहले भी उनके संस्थानों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। लेकिन भारत के सौ शिक्षाविदों में नाम शामिल होने से घर में सब गौरवान्वित हैं। डा. रिजवान अंसारी, डा. एचएस कालरा, डा. मनोज वर्मा, शिक्षक कांता प्रसाद पुष्पक, इकबाल अहमद, जुनेद फारुक, शमीम अहमद ने खुशी जाहिर की है।
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