बिजनौर। कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत में जिस भवन पर सोमवार को स्वास्थ्य उपकेंद्र लिखवा दिया गया था, उस भवन का डीपीआरओ ने बुधवार को निरीक्षण किया। इसके बाद डीपीआरओ ने उसे स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं बल्कि सामुदायिक भवन माना है।
ग्राम पंचायत बूढ़ावाला में एक भवन पर स्वास्थ्य उपकेंद्र लिखवाने का मामला तूल पकड़ रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. विशाल दिवाकर ने गांव पहुंचकर भवन का निरीक्षण किया। डॉ. विशाल का कहना है कि भवन का ढांचा स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसा बिल्कुल नहीं है। वहां एक हॉल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां लंबे समय से शादी समारोह के दौरान खाना बनाने का काम होता है। किसी भी भवन पर स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं लिखा जा सकता है। इसके बारे में सीएमओ को अवगत करा दिया गया है। इसके बाद डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
वीडियो बनाने को लेकर शिकायतकर्ता और डीपीआरओ के बीच नोंकझोंक
निरीक्षण करने पहुंचने डीपीआरओ और अन्य टीम की शिकायतकर्ता के साथ नोंकझोंक हुई। शिकायतकर्ता निरीक्षण की वीडियो बना रहा था। अधिकारियों ने वीडियो बनाने से मना किया। इस पर दोनों तरफ से नोंकझोंक हुई। युवक कह रहा है कि वह शिकायतकर्ता है, वीडियो बनाना उसका अधिकार है। आप वीडियो बनाने से नहीं रोक सकते हैं।
ये था पूरा मामला
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर ग्राम पंचायत बूढ़ावाला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र की मरम्मत के नाम पर नौ लाख 72 हजार रुपये का भुगतान दिखाया गया है। पड़ताल में सामने आया कि गांव में कोई स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं है। अमर उजाला में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद सोमवार की रात को एक भवन पर ही स्वास्थ्य उपकेंद्र लिखवा दिया गया था।
पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं है, बल्कि सामुदायिक भवन है। निरीक्षण में मौके पर काम मिला है। भुगतान भी जांच कराई जाएगी। साथ ही टेक्निकल कमी की वजह उपकेंद्र लिखा गया। इस मामले में संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। ....डॉ. प्रीतम सिंह, डीपीआरओ, बिजनौर