बढ़ापुर-छायली मार्ग की पहाड़ा नदी से होकर गुजरते राहगीर।
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बढ़ापुर। तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही वर्षा से सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बीती रात्रि पहाड़ी क्षेत्र में हुई वर्षा से यहां की नदियों का जल स्तर बढ़ने पर क्षेत्र के दर्जनों गांवों का कस्बे से कई घंटे तक संपर्क कटा रहा।
बढ़ापुर कस्बा तीन ओर से नदियों से घिरा है। इन नदियों का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्र में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। नदियों का जलस्तर बढ़ने पर क्षेत्र के दर्जनों गांवों का कस्बे से संपर्क कट जाता है। बृहस्पतिवार की रात्रि पहाड़ी क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण क्षेत्र की नदियों नकटा, गुलाह, पहाड़ा व ऊनी नदी के जलस्तर में इजाफा हुआ और बढ़ापुर कस्बे का क्षेत्र के दर्जनों गांवों से संपर्क कटा रहा। दोपहर बाद इन नदियों के जलस्तर में गिरावट आने पर लोग जैसे तैसे नदी पार कर अपनी मंजिल पर पहुंच सके।
गांवों से बढ़ापुर के स्कूलों में पढ़ने आने वाले बच्चे और पढ़ाने आने वाले शिक्षक शिक्षिकाएं सुबह के समय पानी कम होने पर नदी पार कर स्कूल तो पहुंच गए, लेकिन वापसी के समय नदियों का जल स्तर बढ़ने पर पानी कम होने की प्रतीक्षा में उनको कई घंटे नदी किनारे खड़े रहना पड़ा। उधर बढ़ापुर क्षेत्र की खेती अधिकांशत: वर्षा के पानी पर निर्भर है। बरसात के मौसम में नाममात्र बारिश होने पर किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे, जो इस बारिश के बाद खिल गए हैं।