बिजनौर। शादी-ब्याह में डोसा और पाव-भाजी का स्वाद चखने को नहीं मिलेगा। दरअसल एलपीजी सिलिंडर की कमी से केटरर्स मेन्यू में भी गैर जरूरी व्यंजनों से दूरी बनाने का सुझाव दे रहे हैं। उनका जोर कोयला या लकड़ी की भट्ठी पर पकने वाले व्यंजनों पर है।
15 से तीस अप्रैल तक सहालग हैं। इन सहालग में होने वाली शादियों को लेकर कैटरिंग का ठेका महीनों पहले ही दे दिया जाता है। केटरर्स आनंद कुमार ने बताया कि उनके पास पांच से छह शादियों में कैटरिंग की बुकिंग है।
अब दस से 15 सिलिंडर एक साथ नहीं मिलने के कारण उन्होंने बुकिंग रद्द करने की बात लड़की पक्ष से कह दी है। उनसे बोला जा रहा है कि अगर शादी में खाना बनवाना है तो खुद ही सिलिंडर की व्यवस्था कर लो। उन्होंने बुकिंग तो रद्द नहीं की लेकिन मेन्यू में कटौती करने पर हामी भरी है।
फुलका नहीं, अब मिलेगी सिर्फ तंदूरी रोटी : कैटरर आनंद ने बताया कि फुलका बनाने के लिए गैस का इस्तेमाल होता है। ऐसे में तंदूरी रोटी ही बनाने पर जोर रहेगा। रुमाली रोटी भी मैन्यू से गायब रहेगी। इसी तरह से ग्रीन चिल्ला, डोसा, पाव भाजी आदि भी नजर नहीं आएंगे। मतलब वहीं व्यजंन बन पाएगा जोकि कोयले या लकड़ी की भट्टी पर बन सके।