‘पत्ती नहीं जलाएं पर्यावरण बचाएं’
बिजनौर। खेतों में पत्ती जलाने से रोकने के लिए गन्ना विभाग ने अब गन्ना पर्चियों का सहारा लिया है। हर गन्ना किसान के घर तीन दूसरे या तीसरे दिन गन्ना पर्ची जाती हैं। पत्ती न जलाने के लिए किसानों को पर्ची पर मोहर लगाकर दी जा रही हैं। हर रोज करीब 30 हजार घरों में ये गन्ना पर्ची पहुंच रही हैं।
बढ़ता प्रदूषण बड़ा मुद्दा बना हुआ है। फसल अवशेष जलने को भी पर्यावरण प्रदूषण का एक कारण माना जा रहा है। खेतों में फसल अवशेष जलने से रोकने के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। हालांकि फसल के साथ सड़क किनारों में कूड़ा जलने के मामले भी सामने आ रहे हैं। किसानों को पत्ती जलाने से रोकने के लिए अब जिला प्रशासन ने अनोखा तरीका निकाला है। जिले में करीब साढ़े तीन लाख गन्ना किसान हैं। इन किसानों ने अपने खाते समितियों में खुलवा रखे हैं। इन किसानों को समितियों से गन्ना पर्ची जारी की जाती हैं। इन गन्ना पर्ची को किसान बहुत संभालकर रखते हैं। गन्ना विभाग इन पर्चियों पर पत्ती न जलाकर पर्यावरण को बचाने की अपील की मोहर लगाकर घर घर भेज रहा है। बिना किसी खर्च के साढ़े तीन लाख घरों में पत्ती न जलाने का संदेश भेजा रहा है।
पत्ती गलाकर खाद बनाएं किसान
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसानों को पत्ती न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। किसानों पत्ती न जलाकर उसका खाद बना सकते हैं।