फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: जिले में हर महीने एक हजार से अधिक लोगों को काट रहे कुत्ते

विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व रेबीज दिवस
विज्ञापन


- 60 मरीज डॉग बाइट के रोजाना पहुंच रहे मेडिकल अस्पताल
- 9874 डॉग बाइट के मरीज इस साल मेडिकल अस्पताल पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। यह अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मेडिकल अस्पताल में रोजाना 60 मरीज कुत्ते के काटने पर एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगवाने पहुंच रहे हैं। जिले में हर महीने एक हजार से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। मगर जिम्मेदार मौन हैं। न तो कोई नसबंदी अभियान चलाया जा रहा है और न ही आवारा कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था की जा रही है।

बिजनौर मेडिकल अस्पताल में इस साल जनवरी से अब तक करीब 9874 डॉग बाइट के मरीज पहुंचे हैं। मेडिकल अस्पताल में जनवरी से अब तक एआरवी की 900 वॉयल खर्च हो चुकी हैं। देहात के अस्पतालों में भी वैक्सीन लगवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। हर साल 10 हजार से अधिक लोग एआरवी लगवाने मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


मेडिकल अस्पताल से लिए गए एआरवी के आंकड़े
साल एआरवी लगवाने वाले

2018 10121

2019 9615

2020 9753

2021 10748

2022 10935
2023 9873
नोट: साल 2023 के आंकड़े सितंबर में अब तक के हैं।

सर्दियों में अधिक होती है एंटी रेबीज वैक्सीन की खपत
मेडिसिन स्टोर प्रभारी गजेंद्र शर्मा का कहना है कि सर्दियों में डॉग बाइट के मरीज ज्यादा आते हैं। इसकी वजह से सर्दियों में एंटी रेबीज वैक्सीन की अधिक खपत होती है। इस समय डॉग बाइट के कम मरीज आ रहे हैं। दिन में 50 से अधिक लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। वर्तमान में एआरबी की 875 वॉयल अस्पताल में उपलब्ध हैं।
विज्ञापन


अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा है। अस्पताल में डॉग बाइट के काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। कुत्ते के काटने के बाद व्यक्ति को एआरवी लगवाने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। एआरवी लगाने के लिए कमरा नंबर तीन में पूरा स्टाफ तैनात है। - डॉ. मनोज सेन, सीएमएस, बिजनौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें