कहा कि वाहन चलाते हुए हेलमेट पहनें, खुद ही नहीं बल्कि परिवार में पापा, भाई और अन्य परिजनों को हेलमेट लगाने के लिए कहें। जीवन की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसके बाद शिक्षा और जीवन शैली पर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संचार क्रांति ने बहुत कुछ बदल दिया है, लेकिन मोबाइल का इस्तेमाल एक सीमा तक ही करें।
कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। स्वावलंबी बनने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रतियाेगी परीक्षाओं में सफलता के गुर भी बताए। साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए क्लास रूम का महत्व बताया।
कहा कि रट्टा मारने के बजाय पढ़ाई करते हुए संबंधित विषय पर अपनी समझ भी बनाएं। उन्होंने हेल्प लाइन नंबर 1090, 181, 1098, 1076, 112 के बारे में जानकारी दी। कोई दिक्कत है तो वह इन नंबरों को डायल कर पुलिस से मदद ली जा सकती है।
प्राचार्या डॉ. दीप्ति डिमरी ने कहा कि लक्ष्य तय करते हुए मेहनत के साथ पढ़ाई करें। उन्होंने यातायात के नियमों का पालन करने और दिए गए सुझावों पर अमल करने पर जोर दिया। कॉलेज के कॉर्डिनेटर डॉ. हितेश शर्मा ने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। कोई भी परेशानी या उत्पीड़न की दशा में पुलिस की मदद लेने में हिचक नहीं करनी चाहिए।