डीएम ने नोटिस जारी कर शिक्षकों को बुलाया
धामपुर। सरकार के आदेश पर प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन को लेकर पिछले दिनों में प्रक्रिया में आदेेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ गाज गिर सकती है। बीएसए बिजनौर ने इस मामले में हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन करते हुए ऐसे सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किए है। डीएम के आदेेेशानुसार ऐसे सभी शिक्षकों को 14 नवंबर से बिजनौर में डीएम के समक्ष पेश होना है। डीएम उनकी समस्या का निदान करेंगे।
गौरतलब है कि योगी सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बनाने के लिए शिक्षक समायोजन प्रक्रिया को शुरू किया था। इस प्रक्रिया के तहत ऐसे विद्यालयों के सीनियर शिक्षकों का गैर ब्लाक के स्कूलों में समायोजन किया गया था। जिन स्कूलों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के अनुपात में कम शिक्षकों की तैनाती थी, इस प्रक्रिया में धामपुर अल्हैपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के करीब 29 शिक्षकों का गैर ब्लाकों के स्कूलों के समायोजन बीएसए ने किया था। आरोप है कि समायोजन होने के बाद से अब तक संबंधित शिक्षकों ने बीएसए के आदेश को नहीं माना और वह सरकार की इस प्रक्रिया को शिक्षक विरोधी बता निरस्त कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट चले गए। हालांकि आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में सरकार की सख्ती के चलते बीएसए ने इन सभी शिक्षकों के वेतन पर पिछले दो माह से रोक लगा कार्रवाई को नोटिस जारी कर रखे हैं। इस दौरान राहत पाने को हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षकों को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल सकी। हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप डीएम से इस मामले का अपने स्तर से निदान कराने के आदेश दिए हैं। बताया गया कि डीएम के आदेशों का अनुपालन करते हुए बीएसए ने संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में निर्देशित किया है कि संबंधित शिक्षक 14 नवंबर को 11 बजे बिजनौर में पहुंचे।
जाने को तैयार नहीं शिक्षक
बताया गया कि नगर के आसपास के गांव जैतरा, मधी, परमावाला, दीत्तनपुर, पुराना धामपुर, कौड़ीपुरा , चकशहजानी आदि दर्जनों गांवों के ऐसे स्कूल हैं, जहां पर बच्चों की संख्या कम और शिक्षक पंजीकृत बच्चों से अधिक है। गांव जैतरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 74 पंजीकृत बच्चों पर सात शिक्षिकाएं तैनात हैं। इनमें से विभाग ने चार का गैर ब्लाकों के स्कूलों में समायोजन कर दिया, वह वहां जाने को राजी नहीं हैं। गांव अमखेड़ा में 46 पंजीकृत बच्चों पर भी सात शिक्षक तैनात हैं। चार का गैर ब्लाकों के स्कूल में समायोजन हुआ तो वह भी वहां से जाने को तैयार नहीं है।