रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा फार्मों में मिल रही गड़बड़ी
बिजनौर। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के स्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के परीक्षा फार्मों में काफी गलतियां मिली हैं। विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों को गलतियां सुधारने का मौका दिया है। इसके बाद भी गलती मिलने पर महाविद्यालय से प्रति विद्यार्थी अर्थदंड जाएगा। विद्यार्थी भी आवेदनपत्र की गलतियों की जानकारी लेने कॉलेज आ रहे हैं।
जिले में करीब 150 डिग्री कालेज हैं, जिनमें हजारों की संख्या में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विश्वविद्यालय के मीडिया सदस्य तपन कुमार वर्मा ने परीक्षा नियंत्रक के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के आवेदनपत्र की जांच में विभिन्न प्रकार की गलती सामने आ रही हैं, जिनसे विद्यार्थियों को आगे चलकर नौकरी आदि में समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालयों को आवेदन पत्रों की गलतियों को ठीक करने का मौका दिया है।
बताया कि महाविद्यालयों को विद्यार्थियों के अभिलेखों में आनलाइन संशोधन किए जाने के लिए प्रतिबंध के साथ पोर्टल खोलने की अनुमति दी गई है। संशोधन महाविद्यालय से ही होगा। विद्यार्थियों का व्यक्तिगत प्रार्थनापत्र स्वीकार्य नहीं होगा। महाविद्यालयों को विषय परिवर्तन की सुविधा पहले ही प्रदान की जा चुकी है। महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की जिस विषय में मिड टर्म की परीक्षा संपादित कराई गई है, उसी विषय का चयन विद्यार्थियों को कराए जाने का संज्ञान रखें।
गलती पर देना होगा अर्थदंड
- तपन कुमार वर्मा ने बताया कि आवेदन पत्र में त्रुटि रह जाने पर महाविद्यालय जिम्मेदार होगा। महाविद्यालय को प्रति विद्यार्थी की दर से 2000 रुपये अर्थदंड का भुगतान करना होगा। विश्वविद्यालय ने सहायता के लिए मोबाइल नंबर -0581-4069297,9319976363,8377905053 तथा 7817916252 जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त iumsmjpru.helpdesk@gmail.com पर भी समस्या भेज सकते हैं।
ये मिल रही है गलती
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी तपन कुमार वर्मा के अनुसार परीक्षा फार्मों में छात्र का नाम, माता पिता का नाम, जन्म तिथि आदि में गलती मिल रही है। नामों में वर्तनी अर्थात स्पेलिंग आदि की गलती है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए गलतियों में संशोधन जरूरी है।