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जिले में बुखार ने कहर बरपाया

Thu, 22 Sep 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो
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बिजनौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जानलेवा बुखार ने कहर बरपा रखा है। बुखार की चपेट में आकर जिले में कुल पांच लोगों की मौत हो गई। बुखार से हुई मौतों के बाद परिवार के लोगों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य महकमे की अनदेखी से बुखार पीड़ितों को हरसंभव मदद समय पर नहीं मिल पाती। ग्रामीणों ने अफसरों से स्वास्थ्य कैंप लगवाकर लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।
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नूरपुर के गांव चेहला में बुखार से हो रही मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को गांव में बुखार से दो लोगों की मौत हो गई। गांव में बुखार से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी तादाद में  चपेट में हैं। गंभीर रूप से बीमार कई लोगों को चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। 
ग्राम चेहला में पिछले दो सप्ताह से बुखार ने कहर बरपा रखा है। बुखार के कारण गांव में रोजाना कोई न कोई मौत हो रही है। बुधवार को भी चंद्रो देवी (70) व सीताराम (55) की बुखार के कारण मौत हो गई। एक ही दिन में हुई दो मौतों से गांव में दहशत है।  ओमकार आर्य, योगेंद्र सिंह, अवनीश कुमार, भीम सिंह, नरेश कुमार आदि ने बताया कि बुखार से अब तक  सुल्लड़, फकीरा सिंह, मंगती देवी, मुन्ने खां, छोटू,  केला देवी, कमलेश देवी, इमरान, चंद्रो देवी, सीताराम समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव में सैकड़ों से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर रूप से बीमार हेमकांत, ईश्वरचंद व उमा देवी को चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा इमरती देवी, लोकेश कुमार, सविता देवी, छुन्नु सिंह, मनोज कुमार का मुरादाबाद के एक बड़े अस्पताल में इलाज चल रहा है। ग्रामवासियों  के अनुसार गांव में हुई 10 मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। गांव में न तो कोई मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है और न ही साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है। गांव का कोई घर ऐसा नहीं बचा है, जिसमें परिवार का कोई न कोई सदस्य बुखार से पीड़ित न हो। ग्रामवासियों ने गांव में साफ सफाई कराने व पानी के नमूने लेकर जांच कराने की मांग की है। 
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 उधर , सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह के मुताबिक गांव में टीम भेजकर जो लोग बुखार व अन्य बीमारियों के चपेट में आए हैं उनका कैंप लगाकर उपचार कराया जाएगा। गांव में कीटनाशक का छिड़काव व फॉगिंग कराई जाएगी।
उधर, नजीबाबाद में चिकनगुनिया से पीड़ित युवा इंजीनियर की मृत्यु हो गई। चंडीगढ़ में कार्यरत रहते बीमार होने पर हाल ही में युवा इंजीनियर नजीबाबाद लौटा था। वहां प्राइवेट चिकित्सक से उसका उपचार कराया जा रहा था। किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद में कार्यरत मदनपाल चौहान का युवा पुत्र गौरव चौहान (25) चंडीगढ़ में एक कंपनी में इंजीनियर था। एक सप्ताह पूर्व गौरव की अचानक तबियत बिगड़ने पर वह घर लौट आया था।
 परिजन गौरव का उपचार रेलवे रोड पर एक प्राइवेट चिकित्सक से करा रहे थे। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सक ने गौरव को नजदीकी प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराकर उपचार दिलाने की परिजनों को सलाह दी। प्राइवेट अस्पताल में भर्ती गौरव चौहान की बुुधवार को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। चिकित्सकों ने गौरव के चिकनगुनिया से पीड़ित होने की बात कही। गौरव की मृत्यु से परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन गौरव का शव अस्पताल से घर ले गए। इस बात से परििवार में कोहराम मच गया।
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