जिले ने बालिका जन्म वृद्धि दर में लगाई ऊंची छलांग
बिजनौर। जिले के लोगों की बालिकाओं को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। यही वजह है कि जिले ने बालिका जन्म वृद्धि दर में ऊंची छलांग लगाई है। बालिका जन्म वृद्धि दर के मामले में बिजनौर जिला वेस्ट यूपी में पहले और प्रदेश में तीसरे पायदान पर काबिज हो गया है। जिला प्रशासन अब जिले को बालिका जन्म वृद्धि दर में नंबर वन बनाने का लक्ष्य लेकर कई विभागों की संयुक्त कार्य योजना बनाने में जुट गया है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान आंदोलन का रूप ले चुका है। यह कार्यक्रम केंद्र सरकारी प्राथमिकताओं में शामिल है। बेटियों की शिक्षा-दीक्षा के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएं चल रही हैं। बुधवार को सीडीओ प्रवीण मिश्र ने इसी संदर्भ में कई विभागों के अफसरों की संयुक्त बैठक ली। इसमें बताया गया कि शासन हर साल पांच साल के बच्चों में बालक-बालिका की संख्या अनुपात का सर्वे कराता रहता है। वर्ष 2011 में जिले में बालिकाओं की जन्म दर प्रति हजार पर 838 थी जबकि राष्ट्रीय औसत दर 914 प्रति हजार था।
सूबे से सटे हरियाणा व पंजाब में बालिका जन्म दर 800 प्रति हजार था। केंद्र की नेशनल हेल्थ सर्वे (एनएचएस) टीम ने वर्ष 2016 में बिजनौर जिले की बालिका जन्म दर का सर्वे किया। जिले में बालिका बालक अनुपात 800 प्रति हजार मिला। सर्वे में पाया गया कि जिले में भ्रूण हत्या के मामले बढ़े हैं। अल्टासाउंड केंद्र पर भ्रूण जांच की कराने वालों की बाढ़ आ गई है। हरियाणा के पानीपत आदि शहरों से लोग बड़े पैमाने पर बिजनौर आ रहे हैं। आंकडे़ बेहद चौंकाने वाले थे। सीडीओ के अनुसार शासन ने बालिका जन्म दर वृद्धि के लिए मुहिम चलाने का एलान किया। जिले में अभियान जोर शोर से चला। अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी के साथ जागरूकता अभियान भी चलाये गए। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई।
प्रशासन की दो साल की मेहनत रंग लाई। सीडीओ प्रवीण मिश्र के अनुसार वर्तमान में बालिका जन्म वृद्धि दर में बिजनौर जिला वेस्ट यूपी में पहले पायदान पर पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में इसकी तीसरी पोजिशन है। जिले का बालिका बालक अनुपात 938 प्रति हजार हो गया है। जिले ने बालिका जन्म वृद्धि दर में करीब 56 प्रति हजार की छलांग लगाई है। सीडीओ ने बताया कि यह जिलेवासियों के लिए बेहद गौरव की बात है। सीडीओ ने बालिका जन्म वृद्धि दर में जिले को नंबर एक बनाने का लक्ष्य दिया है।
नंबर वन बनाने की कार्य योजना पर काम शुरू
बिजनौर। प्रशासन ने जिले में बालिका जन्म वृद्धि दर बढ़ाने के लिए कार्य योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। सीडीओ प्रवीण मिश्र ने स्वास्थ्य, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पंचायत राज, जिला प्रोबेशन विभाग तथा विकास विभाग को इस अभियान में शामिल किया है। सभी विभाग आपसी तालमेल से लक्ष्य की ओर बढे़ंगे। सीडीओ के मुताबिक अभियान में ग्राउंड लेवल पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। महिला जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा। गांव से लेकर जिले तक जागरूकता गोष्ठी होंगी। रैलियां निकाली जाएंगी। बालिका व कोएड स्कूलों में वाद-विवाद, पोस्टर, पेंटिंग आदि प्रतियोगिता से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस बाबत बुधवार को विकास भवन में कई विभागों की बैठक हुई है। सीएमओ डा. निगम, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी केएम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
महिला बनेंगी रोल मॉडल
बिजनौर। सीडीओ के मुताबिक जिले को बालिका जन्म वृद्धि में नंबर वन बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई कार्य योजना में अभियान में सराहनीय सहयोग करने वाली महिलाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। ऐसी महिलाओं को रोल मॉडल बनाकर पेश किया जाएगा। जिस गांव या शहर में जन्म लेनी वाली बालिकाओं की संख्या अधिक होगी, उन गांवों के प्रधान, महिला स्वास्थ्यकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाएगा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के कार्यक्रम में तेजी लाई जाएगी।
बेटियों के जन्म की वृद्धि दर स्थिति
बिजनौर -56
अमरोहा -38
मेरठ -32
संभल -24
मुजफ्फरनगर -11
मुरादाबाद -07
सभी आंकडे़ वेस्ट यूपी के जिले के हैं, जो प्रति हजार पर हैं। सभी आंकडे़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।