दो माह बाद भी संचालित नहीं हो पाए जिला अस्पताल के वेंटिलेटर
बिजनौर। लगभग दो माह पूर्व जिला अस्पताल में लगाए गए पोर्टेबल वेंटिलेटर अभी तक संचालित नहीं हो पाए हैं। सीएमएस के अनुसार वेंटिलेटर शुरू करने के लिए कम से कम दो फिजीशियन, दो एनेस्थिया और चार ऑपरेटर की जरूरत पड़ती है। वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल एक ही फिजीशियन कार्यरत है। स्टाफ दिलाने के लिए वे कई बार शासन को डिमांड भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक पूरा स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया है। केवल स्टाफ कम होने की वजह से ही वेंटिलेटर संचालित नहीं हो पाए हैं। वेंटिलेटर में सभी इंस्टालेशन अपडेट हो चुकी है। हालांकि अभी तक वेंटिलेटर पर भर्ती करने योग्य मरीज जिला अस्पताल तक नहीं पहुंचा है।
वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी को देखते हुए शासन ने जिले को चार पोर्टेबल वेंटिलेटर की सौगात दी थी। इन चारों वेंटिलेटर को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में स्थापित कराया गया है। लगभग दो माह बीतने पर भी ये पूरी तरह से नहीं चल पाए हैं। डीएम रमाकांत पांडेय इन वेंटिलेटर को शीघ्रता के साथ चलाने के लिए के लिए जिला अस्पताल प्रशासन को निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक वेंटिलेटर शुरूनहीं हो सके। अफसरों का एक ओर तो मानना है कि वेंटिलेटर वैसे तो चालू हालत में हैं, लेकिन इन पर स्टाफ की कमी है। हालांकि अस्पताल में अभी तक इस प्रकार का कोई मरीज नहीं आया है, जिसे वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. ज्ञानचंद के अनुसार कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले ऐसे मरीजों को वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है, जिसे सांस लेने में अधिक कठिनाई होती है। ऐसी स्थिति वाले मरीजों को ही वेंटिलेटर पर रखा जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल चारों वेंटिलेटर सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, उन पर सिर्फ और सिर्फ स्टाफ की कमी है।