बिजनौर। जिला बार के चुनाव में अनुभव सीमा के विवाद और सहायक रजिस्ट्रार बीके सिंह द्वारा जिला बार एसोसिएशन के चुनाव एल्डर कमेटी का गठन कर एल्डर कमेटी द्वारा नियमानुसार कराए जाने के आदेश के कारण दस दिसंबर को होने वाले नामांकन को रोक दिया गया है। इस संबंध में चुनाव समिति बैठक कर आगे की व्यवस्था के बारे में बृहस्पतिवार को विचार करेगी।
जिला बार के अध्यक्ष एसके बबली व महासचिव नवदीप सिंह ने दस नवंबर को जिला बार का चुनाव संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता मदनलाल अरोड़ा को मुख्य चुनाव अधिकारी, राधेश्याम चिकारा व महेंद्र को अतिरिक्त चुनाव अधिकारी व नौ अन्य सहायक चुनाव अधिकारियों को नामित किया था। कमेटी ने चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी थी। दस दिसंबर को नामांकन व 23 दिसंबर को मतदान की तिथि नीयत की थी। अध्यक्ष पद के लिए 25 वर्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए 20 व महासचिव पद के लिए 15 साल के अनुभव की अर्हता रखी गई थी। इसे बाद में संशोधित कर दिया गया।
चुनाव को लेकर विवाद की स्थिति उस समय हुई जब पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कुमार द्वारा सहायक रजिस्ट्रार फर्म सोसायटी एवं चिट्स मुरादाबाद को आठ दिसंबर को प्रार्थना पत्र देकर कहा गया कि जिला बार की चुनाव समिति ने 20 नवंबर को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सचिव पद के लिए आयु की अर्हता संशोधित करते हुए अध्यक्ष पद हेतु 20 वर्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेतु 15 वर्ष व सचिव के लिए 13 साल का निर्धारण किया गया। बायलॉज के अनुसार अध्यक्ष पद हेतु 25 साल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद हेतु 20 साल व सचिव पद के लिए 15 साल की वकालत का अनुभव जरूरी है। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि चुनाव समिति को नियमावली में संशोधन का अधिकार नहीं है। साधारण सभा ही बायलॉज में संशोधन का अधिकार रखती है। चुनाव लड़ने के लिए अनुभव सीमा घटाने के प्रस्ताव को अवैध बताया गया था तथा संशोधन को निरस्त कर जिला मॉडल बायलॉज के अनुसार एल्डर कमेटी के माध्यम से चुनाव संपन्न कराने की मांग की गई थी।
सहायक रजिस्ट्रार बीके सिंह ने इस पर आठ दिसंबर को जिला बार के अध्यक्ष व सचिव को आदेशित किया था कि वह मॉडल बायलॉज के अनुसार एल्डर कमेटी का गठन कर उसके द्वारा जिला बार का चुनाव संपन्न कराएं। इसके बाद चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। बुधवार देर शाम बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के द्वारा भी मुख्य चुनाव अधिकारी मदनलाल अरोड़ा को पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि अध्यक्ष पद के लिए 20 साल के अनुभव वाले अधिवक्ता भी चुनाव लड़ सकते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी मदनलाल अरोड़ा के अनुसार सहायक रजिस्ट्रार व बार कौंसिल का पत्र उन्हें प्राप्त हो गया है। इन पर बृहस्पतिवार को विस्तार से चुनाव कमेटी विचार करेगी। इसलिए बृहस्पतिवार को नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराना संभव नहीं है। आगे की चुनाव प्रक्रिया के बारे में बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा। जिला बार अध्यक्ष एसके बबली ने बताया कि वे अपनी पत्नी की बीमारी के कारण दिल्ली में हैं। सहायक रजिस्ट्रार का आदेश उन्हें मिल गया है। इस पर बृहस्पतिवार को आने के बाद ही वे आवश्यक कार्रवाई करेंगे।