बाढ़ से निपटने को तैयार जिला प्रशासन
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने जिले में बाढ़ के खतरे को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डीएम ने शनिवार को आयोजित बैठक में बताया कि इस समय जनपद में बाढ़ से संबंधित कोई समस्या नहीं है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं जिला प्रशासन की ओर से सुनिश्चित कर ली गई हैं। सिंचाई विभाग की ओर से तटबंधों की पुनर्स्थापना, तटबंधों की मरम्मत, निर्माण सामग्री, बोल्डर, वायर क्रेट्स, ईसी बैग्स पर्याप्त मात्रा में एकत्रित कर लिए गए हैं। ट्रैक्टर व जेसीबी मशीन स्वामियों को चिह्नित कर उनके मालिकों के मोबाइल नंबर सुरक्षित कर लिए गए हैं, ताकि आपदा की स्थिति में अविलंब सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों को सूचीबद्ध कर बाढ़ सूचना तंत्र विकसित कर लिया गया है तथा संवेदनशील ग्रामों के प्रधान, कोटेदार, सफाईकर्मी, आंगनबाड़ी, पंचायत सेक्रेट्री तथा लेखपालों का मोबाइल डेटाबेस तैयार कर लिया गया है, ताकि अपात स्थिति में बल्क मैसेज भेजकर लोगों के जान व माल की सुरक्षा एवं पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। जिले में 31 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है तथा नायब तहसीलदार/ राजस्व निरीक्षकों को इनका प्रभारी बनाया गया है। इनके द्वारा बाढ़ से संबंधित सूचना एसडीएम के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं अधिशासी अभियंता जल निगम की ओर से शुद्ध पेयजल के लिए पर्याप्त मात्रा में टैंकर्स की व्यवस्था कर ली गई है, ताकि बाढ़ की स्थिति में पेयजल की कोई परेशानी न हो। पशु विभाग के माध्यम से सभी गांवों में पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। पशुओं के चारे के लिए जिला कृषि अधिकारी की ओर से भूसे के ठेकेदारों से अनुबंध करा लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग, जिला पूर्ति अधिकारी ने भी हर स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली है। एसपी की ओर से बाढ़ की स्थिति में पीएसी व सैन्य व्यवस्था का समुचित प्रबंध कर लिया गया है। आपात स्थित में बिजली की संपूर्ण व्यवस्था विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता द्वारा की जाएगी। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जा चुकी है, जो 24 घंटे क्रियाशील है। कंट्रोल रूम में सिंचाई विभाग, लोनिवि, आपूर्ति, पशुपालन, विद्युत, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों की क्रमवार ड्यूटी लगा दी गई है।