बिजनौर। सहकारी समितियों में अंतिम मतदाता सूचियों का प्रदर्शन हो गया है। समितियों से मिली जानकारी के अनुसार अनंतिम मतदाता सूची में 01.5 लाख से अधिक मतदाता हैं। 12 मार्च रविवार को अनंतिम मतदाता सूची पर आपत्तियां मांगी गई है।
जिले की 98 सहकारी समितियों में चुनाव है। इनमें 94 प्रारंभिक सहकारी ऋण समितियां है। एक वेतन भोगी अध्यापक सहकारी समिति तथा तीन मत्स्य पालन सहकारी समिति है। 11 मार्च को सभी 98 सहकारी समितियों पर अंतिम मतदाता सूचियों का प्रदर्शन हो गया है। 12 मार्च अर्थात आज अंतिम मतदाता सूचियों पर समिति वार आपत्ति मांगी गई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन होगा। अंतिम मतदाता सूची में शामिल मतदाता संचालकों का चुनाव करेंगे। सुबह से ही ग्रामीण अंतिम मतदाता सूची देखने के लिए समितियों पर जुटना शुरू हो गए थे।
सूची देख खुशी और निराशा दोनों का माहौल
सहकारी समितियों पर अंतिम मतदाता सूचियों का प्रदर्शन हुआ। संचालक पदों के दावेदार अपने समर्थकों के साथ सूची देखने आए। सूची देखकर जहां कुछ दावेदार खुश थे, वहीं कुछ दावेदारों में मायूसी देखी गई। आरोप लग रहे थे कि सूची बनाने में भी जमकर खेल हुआ है। अब लोग सूची पर आपत्तियां दर्ज करने की तैयारी में जुट गए हैं।
आरक्षण से बिगड़ा खेल
सहकारी समिति के चुनाव में सभापति चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे अनेक दावेदारों के साथ आरक्षण ने खेला कर दिया। आरक्षण चक्रानुक्रम में हुआ है। अनेक सामान्य दावेदार की सीट बीसी या एससी आरक्षित हो गई। सभापति का चुनाव लड़ने के लिए दावेदार का संचालक चुना जाना जरूरी है।