टीशू विधि से तैयार गन्ने की पौध देखते डीसीओ और मिल के मुख्य प्रबंधक।
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बिजनौर में रोग मुक्त गन्ने की पैदावार के लिए नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल ने पहल की है। शुगर मिल ने टीशू कल्चर से गन्ने की पौध तैयार की हैं। इस बीज को किसानों को बांटा जाएगा। टीशू कल्चर से बोए गन्ने में कोई रोग नहीं लगता है और पैदावार भी बंपर होती है। जिले की बाकी चीनी मिलों को भी नजीबाबाद सहकारी मिल का भ्रमण कराकर टीशू कल्चर के बारे में बताया गया।
गन्ने में ग्रासी शूट, रेड रॉट, टॉप बोरर आदि रोग पैदावार पर असर डालते हैं। रोगों की रोकथाम के लिए कीटनाशक डालने से किसान की लागत भी बढ़ती है। रोगमुक्त गन्ने की पैदावार के लिए नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल ने टीशू कल्चर से 118, 0238, 0239, 3234, वीएफआई 434 और 435 प्रजाति के गन्ने का बीज तैयार किया है।
इस विधि में गन्ने की आंख वाला हिस्सा काटकर उसे पॉलीथीन या मिट्टी की एक परत के नीचे बोया जाता है।
पौधे को खाद, पानी देने का भी ध्यान दिया जाता है। खेत तैयार होने पर किसान इन पौधों को खेत में बो देते हैं। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार इस तरह से बोए गए गन्ने में रोग नहीं होता है। उनके अनुसार यह बीज ढाई रुपये प्रति पौधे के हिसाब से किसानों को दिए जाएंगे। एक बीघा में 700 पौधे लगेंगे। डा.एसपी सिंह, आजाद सिंह, ब्रजेश शर्मा, ओमवीर सिंह, रतन सिंह आदि जीएम मौजूद रहे।