फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नालों में अटकी गंदगी, स्ट्रीट लाइट हुईं खराब

विज्ञापन
विज्ञापन
नालों में अटकी गंदगी, स्ट्रीट लाइट हुईं खराब
विज्ञापन

बिजनौर। नगरपालिका में शामिल हुईं 13 पंचायतों को एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, जो विकास की राह देख रही हैं। लेकिन अभी तक नगरपालिका का विकास धरातल पर नहीं पहुंचा है। आज भी इन कॉलोनियों में नियमित साफ-सफाई, प्रकाश की व्यवस्था का अभाव है। लड़ापुरा और नलकूप कॉलोनी के नालों में गंदगी का अंबार है।
पंचायतों के बिजनौर नगरपालिका में शामिल होने के बाद लोगों को विकास की एक राह नजर आई। देखते ही देखते एक साल निकल गया, लेकिन किसी भी समस्या का हल नहीं निकला। नलकूप कॉलोनी में अभी तक न तो पानी की टंकी पहुंची है और न ही साफ-सफाई को लेकर कोई कार्य हुआ है। कॉलोनी में हालात जैसे पंचायत में रहने पर थे, वैसे ही हालात अब नगरपालिका में शामिल होने पर हैं। नालों की सफाई भी नहीं हुई है। बारिश होते ही नाले उफन जाते हैं। इसके अलावा नलकूप कॉलोनी में आधे से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें खराब हुए कई महीने हो गए हैं। शाम होते ही कॉलोनी की गलियों में अंधेरा छा जाता है। बिजनौर नगरपालिका में 13 ग्राम पंचायतें शामिल हुई थीं। शहर में बुखारा, लड़ापुरा, बकली, बख्शीवाला, रसीदपुर, आदमपुर, तीमरपुर, शहबाजपुर खाना आदि पंचायत शामिल हुईं। सीमा विस्तार के बाद पंचायत विभाग ने सभी गांवों के करीब 42 हजार मतदाता नगर पालिका में शामिल हो गए। नगरपालिका के 25 वार्डों में करीब 75 हजार मतदाता थे। सीमा विस्तार के बाद करीब सात नए वार्ड बनाए गए हैं।
विज्ञापन

नालों की सफाई बरसात से पहले ही कराई जा चुकी थी। रिकॉर्ड तोड़ बारिश नालों की क्षमता से बाहर थी। हालांकि कही भी बारिश के बाद पानी नहीं भरा है। स्ट्रीट लाइट बारिश में फॉल्ट की वजह से खराब हो गई होंगी, जिन्हें जल्दी ठीक करा दिया जाएगा
- विकास कुमार, ईओ नगरपालिका, बिजनौर
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
आज भी गांव जैसी है स्थिति : हरवंश सिंह
लड़ापुरा निवासी हरवंश सिंह ने बताया कि नगरपालिका में शामिल होने के बाद पंचायत का कुछ भी विकास नहीं हुआ है। पहले जैसी ही स्थिति बनी हुई। नालों की कहीं सफाई हुई है और कहीं नहीं।
गलियों में फैली गंदगी : राहुल चौधरी
राहुल चौधरी का कहना है कि नलकूप कॉलोनी में पानी की टंकी नहीं है। साफ-सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। गलियों में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
आज तक नहीं हुआ विकास : भूपेश कुमार
भूपेश कुमार ने कहा कि नलकूप कॉलोनी पहले शहबाजपुर पंचायत में लगती थी, अब बिजनौर नगरपालिका का हिस्सा है। मगर कोई विकास नहीं हुआ है। गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं।
आती है कूड़ा उठाने वाली गाड़ी : सचिन कुमार
सचिन कुमार का कहना है कि नलकूप कॉलोनी में सिर्फ कूड़ा उठाने वाली गाड़ी आती है। इससे अलावा कुछ भी बदलाव नहीं हुआ।
आज तक नहीं मिला फायदा : जितेंद्र कुमार
जितेंद्र कुमार ने बताया कि कॉलोनी के नगरपालिका में शामिल होने का क्या फायदा, जब नालों की भी सफाई नहीं हुई है। कॉलोनी का नाले गंदगी से अटते जा रहे हैं।
विज्ञापन

नालों की सफाई होनी चाहिए : परवेंद्र कुमार
परवेंद्र कुमार ने कहा कि कॉलोनी वासियों को नगरपालिका में शामिल होने का कुछ भी लाभ नहीं मिला है। नालों की सफाई न होने से आसपास दुर्गंध आती है। नालों की सफाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें