- अमर उजाला की नई दिशा के अंतर्गत अंतर विद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो-19एनजेडबी01ए और 01एफ तक
नजीबाबाद। अमर उजाला की अंतर विद्यालय वाद विवाद प्रतियोगिता में सेंट मेरी स्कूल नजीबाबाद का दबदबा रहा। विषय के पक्ष और विपक्ष में सेंट मेरी स्कूल की छात्राएं विजयी रहीं।
नई दिशा-भविष्य की ओर पहला कदम, के अंतर्गत अमर उजाला ने नगर के इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल में, क्या डिजिटल तकनीक लोगों के जीवन को बेहतर बना रही है, विषय पर अंतर विद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की। मुख्य अतिथि आकाशवाणी नजीबाबाद के एडीपी अमर सिंह, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिशासी शोभित शर्मा, इंपीरियल स्कूल के चेयरमैन ओमप्रकाश ने प्रधानाचार्य डॉ. अंजना राजपूत की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। विभिन्न स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं ने डिजिटल तकनीक को जीवन के लिए वरदान बताते हुए डिजिटल क्रांति के लिए पक्ष और विपक्ष में विचार रखे।
निर्णायक मंडल में शामिल एडीपी अमर सिंह और सीनियर पैक्स शोभित शर्मा ने सेंट मेरी स्कूल के दिव्यांशी भदोरिया को पक्ष और सेंट मेरी की ही सुपर्णा कौशिक को विपक्ष का विजेता घोषित किया। मूलचंद एकेडमी की सिमरन कौर को विपक्ष और गुरुकुल इंटर नेशनल एकेडमी की एकता भारद्वाज को पक्ष में रनरअप घोषित किया गया।
शाजिया परवीन के संचालन में आयोजित प्रतियोगिता में वालिया ग्लोबल एकेडमी के प्रियांशु व आरोही, इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल की अदिति राजपूत और भावना, एमडीएस इंटर कॉलेज के अनमोल व पीयूष, सन शाइन पब्लिक स्कूल की सालिया और अलफिशा, मूलचंद एकेडमी की रहनुमा, गुरुकुल इंटरनेशनल की इशिका सैनी ने विषय के पक्ष और विपक्ष में उत्कृष्ट विचारों के साथ प्रतिभाग किया।
डिजिटल तकनीक ने ऊर्जावान क्रांति के साथ जीवन को बदलाव दिया है। तकनीक से दुनिया को बहुमुखी विकास मिला है। विद्यार्थियों के लिए डिजिटल तकनीक स्वर्णिम युग से कम नहीं है - अमर सिंह, एडीपी, आकाशवाणी
डिजिटल तकनीक जीवन के लिए वरदान बनी है। तकनीक के पक्ष और विपक्ष दोनों पहलुओं के प्रति मनुष्य को जागरूक रहकर इसके विनाश पक्ष से सतर्क रहना होगा - शोभित शर्मा, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिशासी, आकाशवाणी
डिजिटल युग से हर क्षेत्र में बदलाव के देखे जा रहे हैं। डिजिटल तकनीक ने रोजगारपरक शिक्षा का मजबूत आधार दिया है। डिजिटल क्रांति से विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण की नई ऊर्जा मिली है - डॉ. अंजना राजपूत, प्रधानाचार्य, इंपीरियल स्कूल