बिजनौर में आईटीआई में किसानों की पंचायत के लिए ट्रैक्टर से मैदान की सफाई करते किसान।
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राजनीतिक व्यक्ति को न मंच मिलेगा, न माइक : दिगंबर सिंह
बिजनौर। भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि किसान सम्मान महापंचायत में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को मंच और माइक नहीं दिया जाएगा। बेहतर होगा कि राजनीतिक व्यक्ति घर पर ही रहें और संसद, विधानसभा में किसानों की आवाज उठाएं। कोई महापंचायत में आना चाहता है तो केवल किसान बनकर आए।
आईटीआई के मैदान में प्रेसवार्ता में दिगंबर सिंह ने कहा किसान अगर एमएसपी पर फसल खरीद के लिए कानून और किसान विरोधी कानूनों को वापस करने की मांग कर रहे हैं तो इसमें गलत क्या है। गाजीपुर बार्डर पर भाजपा के दो विधायकों ने अपने गुंडों के साथ मिलकर किसानों से मारपीट की। किसानों की लड़ाई भाजपा या सरकार से नहीं बल्कि उसकी व्यवस्था से है। अब सरकार किसानों को देशद्रोही बताकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता खुद को कितना ही मजबूत समझें अगर किसान चाहेंगे तो वे उनके गांवों में नहीं घूस सकते हैं। सत्ता में रहते हुए किसानों की अनदेखी करने वाले राजनीतिक दल अब किसानों के आंदोलन का सहारा अपनी राजनीति चमकाने के लिए ले रहे हैं। अब लड़ाई किसान के अस्तित्व पर आ गई है। अगर यह आंदोलन विफल हो गया तो अगले 20 सालों तक किसानों का कोई आंदोलन सफल नहीं होगा। सोमवार को होने वाली महापंचायत के लिए किसी किसान को न तो विशेष निमंत्रण दिया गया है और न ही आने से रोका जाएगा। यह हर किसान का आंदोलन है।