बिजनौर में रौशन करने वाले विद्युत निगम का बिल चुकाने के लिए सरकारी विभाग राजी नहीं हैं। निगम का करीब पौने चौदह करोड़ रुपया जिले के सरकारी महकमों पर बकाया है। जिले में बकाया वसूली अभियान की धीमी गति ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। निगम ने वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए जनसुविधा केंद्रों में भी बिल जमा करने की सुविधा उपभोक्ताओं को दे दी है।
एसई रणजीत सिंह यादव के अनुसार, वित्त वर्ष की समाप्ति में 26 दिन बचे हैं, परंतु निगम के बकाया वसूली अभियान में तेजी नहीं आ रही है। पिछले वित्त वर्ष में मार्च माह में करीब 95 करोड़ की वसूली हुई थी। इस बार इस आंकड़े को भी छू पाना मुश्किल लग रहा है। जिले के सरकारी महकमे बकाएदारी में आगे हैं। 35 सरकारी महकमों पर 13 करोड़ 77 लाख 89 हजार बकाया हैं।
जनवरी माह तक का सबसे अधिक सात करोड़ 66 लाख 88 हजार रुपये बेसिक शिक्षा विभाग पर बकाया है। एक करोड़ 88 लाख बकाया पुलिस महकमे पर है। इसके बाद चिकित्सा विभाग पर एक करोड़ 81 लाख की देनदारी है। बड़े बकाएदारों में कृषि विभाग पर 18 लाख 75 हजार, नगरपालिका कार्यालयों पर 11 लाख 95 हजार, न्याय विभाग पर 20 लाख 87 हजार, जिला प्रशासन पर 32 लाख 11 हजार, सिंचाई विभाग पर 25 लाख 72 हजार, कृषि विभाग पर 18 लाख 75 हजार व सहकारिता विभाग पर आठ लाख 86 हजार रुपये बकाया हैं। निगम ने जिले के 536 जनसुबिधा केंद्रों पर भी बिजली के बिल जमा करने की सुविधा प्रदान कर दी है। घर-घर जाकर बिजली के बिल बनाए जा रहे