बिजनौर। भले ही गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बारिश की कामना कर रहे हैं। मगर बरसात का यह मौसम बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों के लिए मुफीद है। जिसकी वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में इस मौसम में बीमारियों से बचने के लिए थोड़ी सावधानी जरूरत बरतें।
मेडिकल अस्पताल में मंगलवार तक करीब 1390 मरीज आए। जिनमें कुछ मरीज पुराने भी थे। जबकि बरसात के पहले 900 मरीज तक पहुंच रहे थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बरसात बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ने लगी है। नमी में बैक्टीरिया, वायरस तेजी से पनपता है। जिसके चलते बरसात के मौसम में लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में एलर्जी, उल्टी, दस्त, बुखार, सांस रोगी काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
- बरसात में हो रही त्वचा पर एलर्जी
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रस्तोगी का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को बुलस इम्पेेटिगो बीमारी हो रही है। यह बीमारी स्टैफिलोकोकस या स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया के कारण होती है। इसमें बच्चों के शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियां होतीं हैं, जो बाद में बड़े छाला का आकर लेती हैं। इसके अलावा कैटरपिलर कीड़ा भी लोगों के एलर्जी फैला रहा है। इसलिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- डेंगू और मलेरिया के मच्छर पनप रहे
डेंगू वायरल एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। बरसात के दिनों में थोड़ी नमी पाते ही अंडा थोड़ी दिनों में लार्वा और मच्छर बन जाता है। जो डेंगू का वाहक बनता है। वहीं मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के कटाने से होता है। मलेरिया का संक्रमण यह मच्छर ही फैलाता है। बरसात में दोनों मच्छर तेजी से बढ़ रहे हैं।
- बढ़ रहे मरीज
डॉ. आरएस वर्मा के अनुसार मौसम में बदलाव का असर सांस और एलर्जी के मरीजों पर पड़ता है। बारिश के बाद गर्मी बढ़ने से नली में सूजन होने से सांस, अस्थमा के पीड़ितों की परेशानी बढ़ रही है। जबकि एलर्जी से पीड़ित को नाक से पानी, आंख में खुजली आदि की समस्या होती है। उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। रखा हुआ दूषित खाना खाने से लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा मौसम में बदलाव होने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। जिसके चलते लोग वायरल बुखार की चपेट में भी आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश शर्मा का कहना है कि बारिश के दिनों में आर्द्रता के साथ कई प्रकार के बैक्टीरिया-वायरस भी बढ़ने लगते हैं। जिससे कंजंक्टिवाइटिस जैसी संक्रामक बीमारियां हो सकती है।
-बरसात में ऐसे करें बचाव-
- घरों के आसपास पानी एकत्र नहीं होने दें
- घर में साफ-सफाई रखें
- धुले हुए कपड़े पहनें
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
- कटे-फटे फल या रखा हुआ भोजन न खाएं
- परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
- वर्जन::
मेडिकल अस्पताल में इस समय मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को दवाई दी जा रही है। बरसात के दिनों में मरीज थोड़ी सावधानी बरतें।- डॉ. मनोज सेन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर