संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। विद्युत निगम के निजीकरण के खिलाफ माकपा और अखिल भारतीय किसान सभा ने विद्युत निगम के एसडीओ को ज्ञापन देकर विरोध जताया है।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र व प्रदेश की मोदी-योगी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों का धड़ल्ले से निजीकरण करने पे आमादा हैं। नौकरियां खत्म हो रही हैं व बेरोजगारी बढ़ रही है। निजीकरण देश के हित में नहीं है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय किसान सभा इस व्यवस्था का विरोध करती है। ज्ञापन में बिजली संशोधन विधेयक वापस करने, बिजली नियामक बोर्ड भंग करने, निजीकरण रोकने, किसानों के नलकूप से स्मार्ट मीटर हटाने, घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली निशुल्क देने और गरीबों, किसानों व बुनकरों को मुफ्त बिजली दिए जाने आदि मांग की है। इस दौरान इन्द्र कुमार शर्मा, फरीद अहमद, मोहम्मद इकराम, मशकूर चौधरी, अनवार अहमद, जाबिर हुसैन, मतलूब अहमद, जरीफ अहमद, इसरार अली व कन्हैया सिंह आदि मौजूद रहे।