उत्तराखंड संघर्ष समिति ने सीमावर्ती पंचायतों को उत्तराखंड राज्य में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बैठक का आयोजन किया । बैठक में तीन तहसीलों की 61 पंचायतों को उत्तराखंड में शामिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष मामले को पुरजोर से उठाने का निर्णय लिया गया।
रविवार को गांव कादराबाद के शिवमंदिर पर उत्तराखंड संघर्ष समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि मनमोहन सिंह दुथपुड़ी ने कहा कि वह तीनों तहसील की 61 पंचायतों को उत्तराखंड में शामिल कराने के लिए कटिबद्घ हैं। इसके लिए वह तीनों तहसीलों की पंचायतों के प्रस्ताव लेकर केंद्र सरकार से भी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के बंटवारे के बाद से ही सीमावर्ती पंचायतों का शोषण हो रहा है। विकास के नाम पर पंचायतों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने अफजलगढ़ ब्लॉक की 31 पंचायतों के ग्राम प्रधानों से उत्तराखंड में शामिल होने के लिए प्रस्ताव देने की बात कही। 15 मई के बाद प्रत्येक पंचायत में समिति का गठन किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता केएस कठैत और संचालन पूरन सिंह असवाल ने किया। बैठक में भूपेंद्र सिंह लाडा, सरदार हरप्रीत सिंह संधु, गुरविंदर सिंह, सुनिल धस्माना, रघुवीर सिंह विष्ठ, सतेंद्र फौजी, बलकार सिंह, भूपेंद्र सिंह, राजूतोमर, धर्मपाल सिंह, धनेंद्र सिंह पाल, साबर सिंह, विष्ठ, मदन सिंह राणा, बलवंतसिंह, भगवती प्रसाद, जयपाल , मनवर गुसाई, गनेषी देवी, सत्येशवरी देवी, विमला रहीं।